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बीफ विवाद: जांच टीम को पार्टी की जगह दिखाई ही नहीं

Tue, 22 Mar 2016 02:24 AM IST
बीफ विवाद: जांच टीम को पार्टी की जगह दिखाई ही नहीं
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बीफ विवाद: जांच टीम को पार्टी की जगह दिखाई ही नहीं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कथित बीफ पार्टी मामले में केंद्रीय हिंदी संस्थान (केएचएस) पर इस मामले की लीपापोती के आरोप शुरू से लग रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि पार्टी का हल्ला होने के बाद जांच को पहुंचे पुलिस व प्रशासन की  संयुक्त टीम को भी गुमराह किया गया। उन्हें फोटो में दिखाई गई जगह के बदले हास्टल का कोई और हिस्सा दिखाया गया। यही नहीं 18 मार्च को पार्टी के फोटो वायरल होने से एक दिन पहले ही इस संबंध में मिली शिकायत पर संस्थान ने कोई संज्ञान ही नहीं लिया।
सूत्र बताते हैं कि निरीक्षण को पहुंची पुलिस-प्रशासन टीम को जहां मांस काटने के फोटो दिखाए गए हैं, उसे छोड़ इस ब्लाक के अन्य हिस्से का निरीक्षण कराया गया। संस्थान निदेशक प्रो. एनके पांडे का कहना है कि फोटो मिले थे, उस वक्त वह इलाहाबाद में थे। अधीनस्थों ने उन्हें बताया कि ऐसी कोई गतिविधि नहीं मिली। प्रो. पांडे का यह भी कहना है कि फोटो में दिख रहे ‘बी’ ‘फी’ जिसे बीफ बोलकर प्रचारित किया जा रहा है, वह बाईफाई लिखा हुआ है। टूटी-फूटी हिंदी में छात्रों ने ये लिखा है। विदेशी छात्र मांसाहारी होते हैं। छात्रों ने जो खाया है वह बीफ है इसकी पुष्टि कैसे होगी। शहर में कहीं बीफ बेचा जाता है, इसकी जानकारी भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा संस्थान की प्राथमिकता है। किसी छात्र के साथ कोई अनहोनी हुई तो विदेशों में शहर और देश की छवि खराब होगी। उनके देशों में भी भारतीय छात्र पढ़ते हैं।
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यही नहीं, हॉस्टल में मांस पकाए जाने की शिकायत संस्थान को 17 मार्च को ही मिल गई थी। शिकायतकर्ता ने फेसबुक के जरिये फोटो भेजने के साथ ही ऐसी गतिविधियां बंद कराने का आग्रह भी किया था। किंतु संस्थान ने जांच करने की जरूरत नहीं समझी और न ही फोटो में दिख रहे छात्रों से पूछताछ हुई। फोटो वायरल होने के बाद भी मामले को दबाने के ही प्रयास हुए।

संस्थान ने कराई पुताई
संस्थान प्रशासन का ‘नीट एंड क्लीन’ अभियान पूरा हो चुका है। जहां छात्रों पर जहां तैयारी व मांस पकाने का आरोप था, वहां धुलाई-पुताई कर दी गई। रही बात जांच की तो शुरूआत से ही इस गतिविधि को नकारा जा रहा है,  

होली का कार्यक्रम भी टला
प्रकरण से फैले संस्थान में तनाव के चलते होली कार्यक्रम भी टल गया है। अभी तक परिसर में होली कार्यक्रम 21 मार्च को होना था, लेकिन नहीं हुआ। अब इसे 23 को मनाए जाने की बात कही जा रही है।

विहिप और राष्ट्रीय गोरक्षा दल ने किया प्रदर्शन
आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान में बीफ पार्टी की बात भले कंफर्म न हो पर हिंदूवादियों का गुस्सा थम नहीं रहा। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय गोरक्षा दल ने सोमवार को अलग-अलग प्रदर्शन कर तथाकथित पार्टी करने वालों के खिलाफ तहरीर दी। साथ ही मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर एससीएम तृतीय अरुण कुमार को बीफ पार्टी के संबंध में तहरीर दी। उनका कहना था कि भगवा रंग के कपड़े पर गोमांस काटकर हिंदुओं की भावनाओं को भड़काया गया। सुनील पाराशर की तरफ से तहरीर दी गई। इस दौरान महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, राजीव शर्मा, मदन वर्मा, सुरेंद्र चौधरी, प्रमेंद्र जैन आदि मौजूद थे। इधर, राष्ट्रीय गोरक्षा दल के संरक्षक अज्जू चौहान के नेतृत्व में थाना न्यू आगरा पर प्रदर्शन कर इस मामले में संस्थान के निदेशक और रजिस्ट्रार के खिलाफ तहरीर दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कथित बीफ पार्टी की जानकारी संस्थान के इन अधिकारियों को थी, इसके बावजूद वे मामले को दबाए रहे। दल के सदस्यों ने भगवान टाकीज चौराहा से थाना न्यू आगरा तक जुलूस भी निकाला। इस दौरान मुन्ना बजरंगी, नंदकिशोर वाल्मीकि, देवेंद्र शर्मा, अन्नू दुबे, मनोज चौहान आदि मौजूद थे।
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