मुजफ्फरनगर में पत्नी की हत्या के दोषी अभियुक्त पति को अदालत ने आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वारदात के एक साल में ही न्यायालय का फैसला आया है। हत्यारा पति बीते एक साल से जेल में बंद है, उसको जमानत नहीं मिली थी।
फुगाना थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर खेड़ी निवासी मोहर सिंह ने यह मुकदमा ककरौली थाने पर नौ जून 2018 को दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी अमृता की शादी 10 वर्ष पहले गांव चौरावाला निवासी सुनील पुत्र कर्म सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद अमृता किसी बच्चे को जन्म नहीं दे सकी जो कि घर में कलह का कारण बना और सुनील अमृता को बच्चा न पैदा करने का ताना मार कर मारपीट करता था।
इसी कलह में सुनील ने अमृता को आठ जून 2018 को पानी में मिला कर जहर पिला दिया जिससे उसकी हालत खराब हो गई और अमृता को मोरना पीएचसी पर ले जाया गया, मगर अमृता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीर नायक सिंह की अदालत संख्या- एक में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व आशीष त्यागी ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त सुनील को अमृता की हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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