पीड़ितों से पूछताछ करतीं डीआईजी।
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लूटपाट में विफल होने पर बदमाशों ने महिला और उसके दोनों बच्चों को अगवा कर लिया था। घेराबंदी होने का पता लगते ही बदमाशों ने तीनों को मेडिकल कॉलेज के सामने छोड़ दिया था। इसका खुलासा दंपति की कॉल डिटेल और घटनास्थल पर जांच पड़ताल से हुआ। बहसूमा पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है।
माधवपुरम, ब्रह्मपुरी निवासी कार सवार डेंटिस्ट कमलेश कुमार को बदमाशों ने बहसूमा में नहर पुल के पास बंधक बनाकर फेंक दिया था, जबकि कमलेश की पत्नी और दोनों बच्चों को बदमाश कार समेत अगवा करके ले गए थे। मेडिकल कॉलेज के पास तीनों को कार से उतारकर बदमाश कार लेकर गढ़ की तरफ फरार हो गए थे। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही थी।
जिसमें कॉल डिटेल में तीनों युवकों की भूमिका सामने आयी है। बहसूमा एसओ बचन सिंह सिरोही का कहना है कि तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है। पुलिस मामले की जांच के बाद इस वारदात का सही खुलासा करेगी।
खुद की नाकामी छुपा रही पुलिस
महिला और उसके दो बच्चों को बदमाश देहात से कार समेत उठाकर शहर में लाकर छोड़ गए। लूटी हुई कार गाजियाबाद में बदमाशों ने छोड़ी। बदमाशों को पकड़ने में मेरठ पुलिस फेल हो गई। अपनी नाकामी छुपाने के लिए पुलिस अधिकारी पीड़ित महिला पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस के पास कॉल डिटेल में ऐसा कोई नंबर नहीं मिला, जिससे आरोप सामने आए।