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बवाल के आरोपी ने पुलिस के सामने की पंचायत

Sun, 23 Aug 2015 02:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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खिर्वा जलालपुर में प्रधानी चुनाव को लेकर हुए खूनखराबे से पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। अभी गांव में तनाव बरकरार है, पुलिस का पहरा है। इसके बावजूद एक जानलेवा हमले के आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी में पंचायत कर दी। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा भी हुआ। इसकी जानकारी पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर सरधना को जमकर फटकार लगाई। तब जाकर पंचायत में आए लोग वहां से लौटे।
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सरधना क्षेत्र के खिर्वा जलालपुर गांव में प्रधानी चुनाव को लेकर वर्तमान प्रधान रजी मोहम्मद और दूसरे पक्ष के इमरान में बृहस्पतिवार को टकराव हुआ था। दोनों पक्षों के बीच हुए पथराव, फायरिंग और आगजनी में एक युवक  की मौत हो गई थी, जबकि 18 से अधिक लोग घायल हो गए थे। दोनों पक्षों में तीसरे दिन भी तनाव बरकरार है। गांव में पुलिस फोर्स का पहरा है। ऐसे हालत में जानलेवा हमले के नामजद आरोपी शाह अब्बास जैदी ने दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर पंचायत कर दी।

हमले का आरोपी भरी पंचायत में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कराने लगा। इस पर दोनों पक्षों में दोबारा टकराव की स्थिति बन गई। हालात बेकाबू होने लगे और पुलिस तमाशबीन बनी रही। इसकी जानकारी पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर सरधना मेहर सिंह को जमकर हड़काया और आरोपी शाह अब्बास को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद भी पुलिस ने शाह अब्बास को समझाबुझाकर वहां से चलता किया।
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दुकानदार शहजाद की तहरीर पर शाह अब्बास जैदी, असरफ, फैजान, आरुज, सब्बू, रिजवान, आबिद, गोला उर्फ रजा मेंहदी, मेंहदी, मुस्तफा, आमिल, तंजीम, नैयर, ताहिर, चांदू, मुनाजिर ,चांद मियां, यूसुफ, मेहराज, नजर समेत 32 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले और बलवे का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में 56 लोग पहले से नामजद हैं। इनमें से नौ आरोपी शुक्रवार को जेल भेज दिए गए थे, जबकि एक आरोपी अलाउद्दीन को शनिवार को जेल भेजा गया।
एसडीएम ने बीएलओ की बुलाया

वोटर लिस्ट ने प्रधान का नाम कटने के मामले में एसडीएम ब्रजभान सिंह राठौर ने शनिवार को बीएलओ को बुलाकर रिपोर्ट मांगी। बीएलओ ने बताया कि गांव में दो पक्षों की गुटबाजी के चलते वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और काटने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के नाम वोटर लिस्ट से कटवाना चाहते हैं। शाह अब्बास प्रधान का नाम भी कटवाना चाहता था। हालांकि, अभी वोटर लिस्ट से प्रधान का नाम नहीं कटा है। पुलिस का दावा है कि विवाद सिया-सुन्नी का नहीं, बल्कि संभावित प्रधान प्रत्याशी शाह अब्बास का है।
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अभी गांव में पंचायत नहीं होनी चाहिए। पुलिस दोनों पक्षों के लोगों से खुद बातचीत करेगी। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। -डीसी दूबे, एसएसपी
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