एनआईए की टीम के साथ आए आतंकी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रात में वह एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था, जबकि दिन में छावनी समेत अन्य इलाकों में युवकों को अपने साथ जोड़कर आतंक का नेटवर्क मजबूत कर रहा था। आतंकी ने मेरठ से गिरफ्तार पाक जासूस मोहम्मद इजाज से भी अपनी जान-पहचान बताई है।
एनआईए की टीम सबसे पहले परतापुर थाने में पहुंची। थाने से पुलिस टीम को बाहर किया और साथ लाए गए आतंकी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, आतंकी ने बताया कि वह छह माह तक मेरठ की एक फैक्ट्री में गार्ड की नौकरी कर चुका है। साथ ही आतंकी गतिविधियों से जुड़े अन्य संदिग्धों के भी मेरठ में ठहरने की जानकारी दी है। आतंकियों का मकसद वेस्ट यूपी में अपनी जड़ें मजबूत करना था।
अपने नापाक इरादों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने मेरठ को सेफ जोन माना था। इसके अलावा मेरठ छावनी में सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कई बार कोशिश भी की पर सफलता नहीं मिली। उसके बाद पाक जासूस इजाज को मेरठ भेजा गया था।
निशाने पर वेस्ट यूपी
एनआईए टीम के साथ आए आतंकी के मुताबिक, मेरठ में अभी खतरा टला नहीं है। आतंकियों के निशाने पर वेस्ट यूपी है। इसकी बात पाक जासूस इजाज भी कबूल चुका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के तार मेरठ से जुड़ने के बाद खतरा बढ़ने का अंदेशा है। इसके मद्देनजर ही शासन ने मेरठ में अलर्ट जारी किया है। साथ ही इंटेलीजेंस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं।