पाकिस्तानी जासूस इजाज का सदर बाजार पुलिस ने शनिवार को मेडिकल कराने के बाद सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने जासूस को न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। पुलिस ने उसकी सात दिन की रिमांड मांगी, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी। पुलिस की पूछताछ में जासूस ने कोलकाता के चार युवकों के नाम बताए है, जिन्हें पुलिस ने नामजद कर लिया है।
सदर बाजार पुलिस के मुताबिक जासूस इजाज पाकिस्तान से बंगलादेश के रास्ते सबसे पहले कोलकाता पहुंचा। जहां उसकी मुलाकात इरशाद और उसके भाई इरफाक से हुई। दोनों भाइयों ने उसको पनाह दी और उसके नापाक इरादों को पूरा कराने के लिए अपने साथ जहांगीर और इरशाद के बेटे अशफाक को भी शामिल कर लिया। इजाज ने चारों लोगों के साथ मिलकर पहले कपड़े बेचने का काम किया।
स्कूल और भारतीय नागरिकता से जुड़े तमाम फर्जी दस्तावेज उक्त चारों युवकों ने इजाज के बनवाए। शनिवार शाम चार बजे सदर बाजार पुलिस ने इजाज को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोलकाता में उसके चार साथियों की जानकारी और इजाज से पूछताछ करने के लिए पुलिस ने सात दिन की रिमांड मांगी है। सोमवार को इजाज कोर्ट में पेश होगा और रिमांड की अर्जी पर सुनवाई होगी।
जासूस पर लगी धारा
पुलिस ने जासूस इजाज पर 14 विदेशी एक्ट, 467, 468, 471, 380, 411 आईपीसी और 3/9 ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की है। पेशी की दौरान जासूस की ने स्काइप और याहू पर अकाउंट होने की बात स्वीकार है।
आईएसआई देता था 50 हजार रुपये महीना
एसटीएफ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आईएसआई इजाज को 50 हजार रुपये महीना देता था। इसमें दस हजार इजाज के अकाउंट में और 40 हजार उसके परिजनों को पाकिस्तान मिलते थे। इजाज ने अपने अकाउंट की पासबुक भी पुलिस को दी है।