नाम ओम सिंह पुत्र जीरा सिंह। उम्र 60 साल। करीब 30 मिनट में एक तमंचा तैयार करने वाला यह आरोपी करीब 20 साल से मौत का सामान (तमंचा) बेच रहा था। खरखौदा पुलिस ने लालपुर गांव में इस आरोपी के घर चल रही तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। बताया गया कि आरोपी मौके से तमंचा बनाता धरा गया। पुलिस ने इसकी वीडियोग्राफी कराई।
एसओ खरखौदा कुलवीर सिंह के मुताबिक ओम सिंह कभी फेरी लगाकर तालों की चाबियां बनाता था। लेकिन बाद में तमंचे बनाने का कारीगर बन बैठा। पुलिस को जानकारी मिली कि लालपुर गांव में वह घर में ही तमंचे की फैक्टरी चला रहा है, जिस पर छापेमारी की गई। मौके से छह तैयार तमंचे और तीन अधबने तमंचे, एक ड्रिल मशीन, दो आरी, पांच ब्लेड, दो बड़ी रेती, चार छोटी रेती, दो छोटी आरी, दो सड़ासी, प्लास, हथौड़ा, चैंबर डाई, दो रॉड, लकड़ी के गुटके, छोटी पतली पांच रॉड, तमंचे की बॉडी में लगाने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली छोटी-छोटी पत्तियां बरामद की गईं।
एसओ के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि वह करीब 20 साल से ताले ठीक करने की आड़ में तमंचे भी बेचता था। आरोपी के अनुसार वह नए तमंचे बनाने के साथ पुराने भी रिपेयर करता था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
तमंचा बनाना भाई से सीखा
एसओ के अनुसार आरोपी ओम सिंह ने बताया है कि उसने पंजाब में अपने भाई से तमंचा बनाना सीखा था। भाई एक मामले में पंजाब जेल में बंद है। तमंचा बनाने के सभी औजार पास में हो तो वो 30 मिनट में तमंचा तैयार कर देगा। पुलिस ने तमंचा तैयार करते समय की उसकी वीडियो भी बनाई। एसओ के अनुसार तीन-चार तमंचे वह थोड़े ही टाइम में तैयार कर लेता था। बाकी टाइम में वह सप्लाई करता है। दो-तीन हजार में तमंचे को बेच देता था।
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