सपा नेताओं के दबाव में होटल क्रोम प्रकरण को रफा-दफा करने की तैयारी चल रही है। यही वजह है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज में अराजकता के तमाम सुबूतों को झुठलाने पर उतारू हो गई है। साथ ही कानून को ताक पर रख कर आरोपियों को बचाने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल कर रही है। इसका नतीजा सबके सामने है कि हफ्तेभर में पुलिस ने किसी पर कार्रवाई नहीं की। हां, पूरे मामले में सपा नेताओं के लिए ढाल बनकर जरूर खड़ी रही।
समाजवादी युवजन सभा जिलाध्यक्ष नितिन कसाना के भाई सचिन कसाना ने होटल में मारपीट की। वेटर पर पिस्टल तानी। घटना में सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का भाई वामिक चौधरी भी शामिल था। रिपोर्ट दर्ज हुई तो सपा के नुमाइंदों को बचाने के लिए पूरा पुलिस महकमा उतर गया। होटल मालिक पर इतना दबाव पड़ा कि उसे लिखित में देना पड़ा कि रिपोर्ट गलत दर्ज हुई। सपा नेताओं का दबाव पड़ा तो पुलिस के भी सुर बदल गए। नतीजा यह निकला कि मामले को एक सप्ताह बीत गया, पर आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय पुलिस उनके बचाव में उतर आई। कप्तान ने खुद सीओ ब्रह्मपुरी से 24 घंटे में जांच कराई और प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पुलिस ने गलत रिपोर्ट दर्ज की। इसके चलते एसएसआई ओमवीर गुप्ता और हेड मोहर्रिर शिव नंदन शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस ने फुटेज समेत अन्य अराजकता के सुबूतों पर क्यों ध्यान नहीं दिया। हालांकि, एसएसपी डीसी दूबे अब भी दावा कर रहे हैं कि होटल में जो हुआ, उस पर थाना पुलिस कार्रवाई करेगी। लेकिन, एक सप्ताह में जो हुआ, उसका नतीजे सबके सामने है।
बदमाश भी थे समझौते की मीटिंग में?
होटल मालिक द्वारा एक करोड़ की रंगदारी और फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद नेताओं में मानो भूचाल आ गया हो। दिल्ली रोड पर एक मकान में सपा के नुमाइंदों को बचाने के संबंध में मीटिंग कराई गई थी, जिसमें कई पार्टी के नेताओं समेत बदमाश भी शामिल थे। फोन पर होटल मालिक से बात भी हुई और केस वापस करने का दबाव बनाया गया। पुलिस अफसर इससे भी अनजान नहीं थे। लेकिन, मामला सपा नेता से जुड़ा है, इसलिए कोई जुबान खोलने को तैयार नहीं है।
क्या हुआ था मामला
होटल क्रोम में गत शुक्रवार समाजवादी युवजन सभा जिलाध्यक्ष नितिन कसाना का भाई सचिन कसाना, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का भाई वामिक चौधरी, पूर्व सांसद शाहिद अखलाक का बेटा दानिश अखलाक समेत कई लोग गए थे। होटल में मोबाइल से मनमर्जी गाने बजाने को लेकर विवाद हुआ। पिस्टल तनी, मारपीट और अराजकता हुई। वेटर की कनपटी पर पिस्टल तानकर होटल मालिक से एक करोड़ की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगा।
केस को खत्म करने का प्लान
इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस ऐसा जोखिम नहीं उठाएगी, जिससे पुलिस अफसरों को कठघरे में खड़ा होना पड़े। धारा हटाने पर कानून कार्रवाई हो सकती है। इसके चलते पुलिस अफसरों ने होटल मालिक को ही मोहरा बनाने का प्लान तैयार कर लिया। पुलिस का कहना है होटल मालिक ही कोर्ट में समझौते का एफिडेविट लगाएगा, तभी कुछ होगा। विवेचक पूरे मामले को कोर्ट के सामने पेश करेगा, उसी आधार पर अगली कार्रवाई होगी।
पिस्टलों की जांच भी नहीं की
होटल की फुटेज में सचिन कसाना के हाथ में पिस्टल दिख रही है। जबकि, एक पिस्टल मेज पर रखी नजर आई, जिसे पुलिस दानिश अखलाक की बता रही है। पुलिस ने यह जानने की कोशिश नहीं कि पिस्टल लाइसेंसी है या अवैध। लाइसेंसी थी तो एसएसपी ने अभी तक पिस्टल के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी नहीं की। नियमानुसार ऐसे मामलों में पिस्टल के लाइसेंस निरस्त होने चाहिए।
सात दिन में पुलिस ने क्या किया
शुक्रवार: होटल में सपा नुमाइंदों ने अराजकता की। रंगदारी और फायरिंग का परतापुर थाने में केस दर्ज।
शनिवार: मामला उजागर हुआ, सपा नेता मामले को मैनेज करने में लगे।
रविवार: पुलिस बोली, जांच करेंगे। सपा नेता का दबाव पड़ा तो थाना पुलिस मामले को संदिग्ध बताने लगी।
सोमवार: दिल्ली रोड पर समझौते की मीटिंग हुई। एसएसपी ने बयान दिया कि फायरिंग और रंगदारी की धारा एसएसआई और हेड मोहर्रिर ने साठगांठ करके लगाई, जिससे उन्हें लाइन हाजिर किया गया।
मंगलवार: होटल मालिक गौरव नारंग एसएसपी से मिला। सपा नेता को बेकसूर बताकर मामले को झूठा बताया।
बुधवार: होटल मालिक ने लिखित में पत्र एसएसपी को सौंपा कि कर्मचारी ने दूसरे पक्ष के कहने पर झूठी जानकारी दी थी। इसके चलते उनसे रंगदारी और फायरिंग की बात पुुलिस को बताकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अब यह दावा कर रहे एसएसपी
एसएसपी डीसी दूबे ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में सपा नेता सचिन कसाना और पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बेटे दानिश अखलाक ने एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज की। एसएसपी के मुताबिक, फुटेज में वामिक चौधरी और अन्य युवक नहीं नजर आए हैं।
होटल मालिक पर हो सकती है कार्रवाई
होटल मालिक द्वारा दूसरे पक्ष से समझौता करने और कानूनी कार्रवाई न चाहने के सवाल पर एसएसपी ने कहा कि पूरे प्रकरण में पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर होटल मालिक ने अपने कदम पीछे खींचे तो उस पर भी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।