कृष्ण जन्माष्टमी पर लालकुर्ती में हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए बृहस्पतिवार रात छठी पर शोभायात्रा भारी पुलिस फोर्स के बीच निकाली गई। एसपी सिटी के नेतृत्व में 800 पुलिस कर्मियों को लगाया गया था। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में आरएएफ और पीएसी तैनात रही।
शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आरएसएस पदाधिकारी अरुण जिंदल की दूसरे समुदाय के युवकों ने पिटाई कर दी थी, जिसके बाद श्रीकृष्ण छठी पर निकलने वाली शोभायात्रा पर तनाव का साया मंडरा रहा था। बृहस्पतिवार को पंचायती मंदिर लालकुर्ती से शोभायात्रा शुरू हुई। एसएसपी दिनेशचंद दूबे ने अतिरिक्त फोर्स लगाने के निर्देश दिए थे। एसपी सिटी ओमप्रकाश, एएसपी कैंट संकल्प शर्मा, चार सीओ, आठ थाना प्रभारी, 50 सब इंस्पेक्टर, दो कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी और भारी संख्या में स्थानीय पुलिस के सिपाही तैनात किये गये थे।
पैंठ बाजार से माल रोड तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया था। रजबन छोटा बाजार तिराहे से लेकर माल रोड तक किसी भी वाहन को लालकुर्ती में आने की इजाजत नहीं थी। शोभायात्रा में झांकियों के साथ-साथ पुलिस चल रही थी। हाथीखाना मोहल्ला, रजबन बाजार, बकरी मोहल्ला, टंडेल मोहल्ला, घोसी मोहल्ला समेत अन्य स्थानों पर कड़े बंदोबस्त किए गए थे। झांकि यों को देखने के लिए पैदल ही लोगों को आना पड़ा। शाम से शुरू हुई शोभायात्रा आधी रात तक चली। मुख्य स्थानों पर एक सीओ के साथ एक थाना प्रभारी को फोर्स समेत लगाया गया था।
पुलिस की सख्ती के चलते दोपहिया वाहन चालकों को भी बाहरी रास्तों से लौटना पड़ा। इसके लिए अलग से व्यवस्था सीओ ट्रैफिक ने की थी। शोभायात्रा के दौरान भाजपा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलूवालिया समेत भाजपाई भी मौजूद रहे।