कोतवाली क्षेत्र में पांच दिन पहले जानलेवा हमले में घायल हुए अनीसू पंडित ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार इस वारदात को अनीसू के तहेरे भाई उमरदराज ने पुरानी रंजिश के चलते साथियों के साथ अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार मोहल्ला बनीसराय, कोतवाली निवासी अनीसू पंडित (42) पुत्र हाजी शरीफ मीट कारोबारी होने के साथ ही कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर भी था। उस पर 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। बीती शनिवार रात अनीसू अपने भाई वसीम और चचेरे भाईयों के साथ फलक पैलेस से बिरादरी की मीटिंग से स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहा था। पोदीवाड़ा के पास तीन बाइकों पर पहुंचे छह हमलावरों ने हिस्ट्रीशीटर की गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। अनीसू को सीने, कोख, पेट और हाथ में गोलियां लगी थीं। जिसे गंभीर हालत में लोकप्रिय अस्पताल से दिल्ली के अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अनीसू की उपचार के दौरान मौत होने के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
केस हत्या में तरमीम
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अनीसू के तहेरे भाई उमरदराज, मोबीन, आलम, उमर, शहजाद, जीशान और मुकीम के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की थी। अनीसू की मौत के बाद यह केस हत्या के मुकदमे में तरमीम कर दिया गया।
छिड़ सकती है गैंगवार
पुलिस के अनुसार 15 दिन पहले भी अनीसू और उमरदराज के बीच कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को भुगतने की धमकी दी थी। अनीसू की मौत के बाद फिर से दोनों पक्षों में गैंगवार छिड़ सकती है। जिसके लिए नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।