पूर्वा शेखलाल में पार्किंग ठेकेदार यूनुस की हत्या के मामले में शुक्रवार को भीड़ भड़क उठी। पोस्टमार्टम के बाद जब यूनुस का शव घर पहुंचा तो भीड़ ने आरोपियों के घर हमला बोलते हुए आगजनी की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत किया। कड़ी सुरक्षा के बीच शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
सिविल लाइन थानाक्षेत्र के पूर्वा शेखलाल निवासी यूनुस बृहस्पतिवार शाम सुभाषनगर चौक स्थित शमशाद के खोखे पर गुटखा खरीदने गया था। उसने खोखे पर खेले जा रहे सट्टे का विरोध किया था। जिस पर खोखा स्वामी शमशाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर यूनुस की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके विरोध में भीड़ ने खोखे और बाइकों में लगा दी थी। यूनुस और सट्टा किंग शमशाद के घर आमने-सामने हैं।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद यूनुस का शव घर पहुंचा तो गुस्साए लोगों ने पड़ोसी शमशाद और अन्य आरोपियों घर पथराव कर दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को काबू किया। इलाके में पुलिस और पीएसी तैनात रही। पुलिस के अनुसार हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। शमशाद के परिचित, रिश्तेदार और परिवार के पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस की लापरवाही उजागर
यूनुस की हत्या में सिविल लाइन पुलिस को बड़ी लापरवाही सामने आई है। पूर्वा शेखलाल और उसके सामने सुभाषनगर में काफी दिनों से सट्टा चल रहा था। इसको लेकर यूनुस और शमशाद के बीच विवाद हो चुका था। इसकी जानकारी सिविल लाइन पुलिस को भी थी। आरोप है कि शमशाद पुलिस को पैसा देकर सट्टा चलाता था। पुलिसकर्मी दिन भर उसके मकान के पास बैठते थे। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती थी।