पचास हजार के इनामी रह चुके कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट और उसके साथी नितिन राठी उर्फ छोटू को बृहस्पतिवार को हरियाणा पुलिस ने मेरठ कचहरी स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया। आरोपी मोनू जाट बोला कि उनके पास हथियार बहुत थे, उन्हें बड़ा टारगेट पूरा करना था। उसने रोहटा में तीन और बागपत के टीकरी गांव में दो लोगों की हत्या करना कबूला। पांचों हत्याओं में मोनू ने अलग-अलग कहानी बताई।
रोहटा निवासी अमित उर्फ मोनू जाट रंगदारी न देने पर 12 लोगों की हत्या कर चुका है। बीते माह एक के बाद एक पांच लोगों की हत्या होने पर मेरठ और बागपत पुलिस ने मोनू जाट के साथ उसके साथी नितिन राठी निवासी टीकरी बागपत की भी तलाश शुरू की थी। जिसने अपने गांव में भी हत्या की दो वारदात कराई। चौतरफा घेराबंदी होने पर दोनों यूपी पुलिस को चकमा देकर सोनीपत पहुंच गए थेञ जहां सरेंडर कर दिया था।
रोहटा एसओ ने मेरठ कचहरी और दोघट एसओ ने बागपत कोर्ट में इनका बी वारंट जमा किया। जिस पर मोनू जाट और नितिन राठी को बृहस्पतिवार को हरियाणा पुलिस मेरठ कचहरी में लाई। दोनों आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। मोनू जाट ने दो सप्ताह में रोहटा में शीशपाल व उसकी पत्नी संतोष, चमड़ा व्यापारी सुरेश कुमार और टीकरी में विकास, लाल बहादुर की हत्या करना कबूल किया।
बेखौफ मोनू बेधड़क बोलता रहा
पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद भी कुख्यात मोनू जाट बेधड़क बोलता रहा। उसने हर हत्या में नई कहानी बताई। आठ सितंबर को शीशपाल और उसकी पत्नी संतोष की हत्या के पीछे 11 लाख रुपये का विवाद बताया। सुरेश को पुलिस का मुखबिर बताया। टीकरी में दोनों लोगों की हत्या के पीछे अपने साथी नितिन राठी का विवाद होना बताया।
क्या है मोनू जाट का टारगेट
मोनू जाट ने हथियार बागपत के सुवाना गांव निवासी पूर्व प्रधान कपिल द्वारा उपलब्ध कराने की बात बताई। रोहटा निवासी राहुल शर्मा, शेखर को भी वारदातों में शामिल होना बताया। मोनू ने अपना बड़ा टारगेट पूरा करने की बात कही। लेकिन उसका टारगेट क्या है, इस पर उसने कुछ बताने से इंकार कर दिया। राहुल और शेखर खुद को बेकसूर बताकर एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे थे। जिन्हें पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा है।
न्यायिक रिमांड बनाया गया
सीजेएम कोर्ट ने रोहटा निवासी किसान दंपति शीशपाल और संतोष के अलावा चमड़ा व्यापारी सुरेश की हत्या में आरोपी मोनू जाट और नितिन राठी का न्यायिक रिमांड बनाया। वहीं मोनू जाट को एसीजेएम- दशम की अदालत में भी पेश किया गया। वहां मोनू जाट के खिलाफ रंगदारी मांगे जाने के मामले में न्यायिक रिमांड बनाया गया।