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जिंजोखर के मकान से लूट का एक ट्रक माल बरामद  

Wed, 19 Oct 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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जिंजोखर के मकान से माल बरामद करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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जिंजोखर गांव स्थित एक मकान पर पुलिस ने छापा मारकर लूट का करीब 10 लाख रुपये का कच्चा माल बरामद किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी। लेकिन ग्रामीणों के हंगामा करने पर बरामदगी की कार्यवाही करनी पड़ी। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। मकान से जूते, बैग, क्रॉकरी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाने का करीब एक ट्रक कच्चा माल मिला है। 
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एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिंजोखर गांव में बब्बू पुत्र इंद्रपाल के घर लूट का एक ट्रक कच्चा माल रखा हुआ है। जिसे ठिकाने लगाने की तैयारी है। जिस पर मंगलवार सुबह करीब आठ बजे पुलिस बब्बू के घर पहुंची। पुलिस ने मौके से बब्बू और राजवीर पुत्र लोकेंद्र को हिरासत में ले लिया। एसओ ने बताया कि पूछताछ में अभी सिर्फ इतना ही पता चला है कि राजवीर के जरिए यह माल बब्बू के मकान पर लाया गया। बदमाशों ने बब्बू का मकान किराए पर लेकर यह माल रखा था। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह माल ट्रक सहित किसने, कैसे और कहां से लूटा है। ट्रक में उत्तम वैरायटी के जूते, बैग, कप प्लेट व कॉस्मेटिक सामान बनाने का कच्चा माल भरा था। जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई। एसओ ने बताया कि बुधवार को पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
हंगामा हुआ तो हरकत में आई पुलिस
ग्रामीणों का आरोप है कि तीन दिन पूर्व एक ग्रामीण ने पुलिस को सूचना दी थी कि बब्बू के मकान पर एक ट्रक लाया गया है। मामला संदिग्ध है। अंदेशा है कि ट्रक में शराब भरी है। आरोप है कि तीन दिन से पुलिस लगातार गांव में आ रही थी। पूरे मामले की जानकारी होते हुए भी पुलिस आरोपियों से सेटिंग कर मामला दबाने का प्रयास कर रही थी। मंगलवार सुबह भी पुलिस बब्बू के मकान पर पहुंची थी। लेकिन कोई कार्रवाई किए बिना चाय पीकर वापस लौट रही थी। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर मिलीभगत का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। तभी मीडिया भी वहां पहुंच गई। मामला फंसता देख पुलिसकर्मियों फिर मकान पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर माल ट्रक में लदवाकर थाने ले गई।
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एसओ और सीओ भी अनजान
हल्का इंचार्ज पवन सैनी गांव में पहुंचे थे और पूरी कार्रवाई की। लेकिन दो घंटे बाद तक भी सीओ दौराला बीएस वीर कुमार और एसओ कंकरखेड़ा को इसकी जानकारी नहीं दी। जब ट्रक थाने पहुंचा तो एसओ व सीओ को पता चला। इसके बाद एसओ ने मकान से बाकी सामान भी उठवा लिया और मीडिया को प्रकरण से अवगत कराया। सवाल उठता कि हल्का इंचार्ज ने लूट के माल की छापेमारी की सूचना एसओ व सीओ को क्यों नहीं दी। 
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