घर में आकर दही खा लेने पर पड़ोसी ने दस साल की बालिका को पेड़ में बांधकर इतना पीटा कि उसने कीटनाशक पीकर जान दे दी। यही नहीं, कुछ लोगों ने घर वालों पर दबाव बनाकर बालिका का अंतिम संस्कार भी करा दिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोस के तीन लोगों और अंतिम संस्कार का दबाव बनाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
चौरीचौरा प्रतिनिधि के मुताबिक शत्रुघनपुर गांव के रुदल की दस वर्षीय बेटी प्रियंका सोमवार को खेलते-खेलते पड़ोसी सुभाष के घर चली गई। उस समय उसके घर पर कोई नहीं था। इस दौरान प्रियंका की नजर घर में रखी दही पर पड़ गई। प्रियंका को दही बेहद पसंद थी और उसने खा ली। उधर, जब सुभाष के घरवाले लौटे तो उन्हें एक पड़ोसी ने प्रियंका के दही खाने की बात बता दी।
इस पर सुभाष को इतना गुस्सा आया कि उसने सोमवार की शाम चार बजे प्रियंका को पकड़ लिया और पेड़ में बांधकर उसकी बुरी तरह से पिटाई शुरू कर दी। कुछ लोगों ने बीच बचाव कर प्रियंका को मुक्त कराया। इस घटना के बाद प्रियंका रोते हुए घर पहुंची और अपने परिवार से उसने सारी बात बताई। घर वालों ने उसे समझाकर शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद पड़ोसी की मार और गालियों से आहत प्रियंका ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया।
हालत बिगड़ने पर घरवाले उसे अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, मगर रास्ते में उसकी मौत हो गई। यही नहीं, मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने दबाव बनाकर प्रियंका का दाह संस्कार भी करा दिया। उधर, बेटी की मौत से दुखी पिता रुदल ने मंगलवार की दोपहर चौरीचौरा पुलिस को तहरीर दी।
इसके आधार पर पुलिस ने पड़ोसी सुभाष, प्रमोद, राजकुमार और दबाव देकर दाह संस्कार कराने वाले रामअवध मौर्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।