फर्जी गैंगरेप का खुलासा कर पुलिस ने शहर को सांप्रदायिक बवाल की आग से बचाया। सुबूत मजबूत जुटाए, बावजूद पुलिस की स्क्रिप्ट अधूरी है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में महिला युवक के गले में हाथ डालकर जिला अस्पताल पहुंची। डॉक्टर से सेटिंग कर मेडिकल रिपोर्ट बनाई। तमाम सुबूत होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक डॉक्टर को नामजद नहीं किया।
देहलीगेट थानाक्षेत्र के एक सप्ताह पहले एक महिला ने बिलाल हत्याकांड के गवाह को फंसाने के लिए गैंगरेप का नाटक रचा। चंद घंटों में पुलिस से गैंगरेप को फर्जी दर्शाकर इसका खुलासा किया। तीन आरोपी समेत महिला को जेल भेजा दिया। इस प्रकरण में जिला अस्पताल का डॉक्टर भी जालसाज करने में फंसा हुआ है। उसकी कितनी भूमिका है, इसके तमाम सुबूत पुलिस जुटा चुकी। इस प्रकरण में दो आरोपी हसन जैदी और जफर पासा अभी तक फरार है।
अमर उजाला को इस प्रकरण में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है। जिसमें साफ जाहिर है कि महिला ने पहले शास्त्रीनगर के एक होटल में दो युवकों के साथ नाश्ता किया। उसके बाद उक्त दोनों युवकों के साथ बाइक पर बैठकर जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल में पहले से मौजूद हसन जैदी और जफर पासा ने डॉक्टर से साठगांठ कर फर्जी मेडिकल तैयार कराया। महिला एक युवक के गले में हाथ डालकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। फर्जी तरीके से डॉक्टर ने उसको भर्ती कराया।
आखिर किसका इंतजार?
जिला अस्पताल के डॉक्टर और भाजपा नेता के खिलाफ पुलिस ने तमाम सुबूत जुटा लिए है। इसके बावजूद अभी तक उनको नामजद नहीं किया गया। बड़ा सवाल है पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अधूरी स्क्रिप्ट से पूरी पटकथा बुनने की फिराक में है।
कुर्की की तैयारी में पुलिस
इस प्रकरण में दो नामजद आरोपी हसन जैदी और जफर पासा की तलाश जारी है। एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव का कहना है कि पुलिस की तीन टीमें लगी है। एक टीम दिल्ली और दूसरी टीम मुरादाबाद रवाना हो गई है। उधर, देहली गेट पुलिस दोनों आरोपियों के मकान की कुर्की करने की तैयारी में जुटी है।