मेरठ जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र के गांव मोड़कला निवासी राजेंद्र सिंह (55) पुत्र महेंद्र अपने चचेरे भाई योगेश (45) पुत्र तेजपाल के साथ खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी रिश्तेदारी में आए थे। रविवार दोपहर बाद दोनों भाई बाइक से घर लौट रहे थे। खतौली-मीरापुर मार्ग स्थित गांव याहियापुर के पास अचानक सामने से आती तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। भिड़ंत के बाद बेकाबू कार सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। भीषण हादसे में बाइक सवार दोनों भाइयों राजेंद्र सिंह और योगेश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार सवार गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-17 निवासी जीएस बिष्ट, उनकी पत्नी बिमला, पुत्र शैलेश, पुत्रवधू सुमन व शैलेश की दो बेटियां संविधि व निधि भी घायल हो गए। कार सवार सभी लोग पौड़ी गढ़वाल से गाजियाबाद लौट रहे थे। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। घायलों को क्षतिग्रस्त कार से निकालकर मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। योगेश के भाई प्रमिंद्र ने कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
खतौली क्षेत्र के ही गांव उमरपुर लिसौड़ा निवासी बालेश्वर (55) पुत्र श्याम सिंह त्रिवेणी शुगर मिल में कर्मचारी था। रविवार की सुबह करीब 5 बजे बालेश्वर अपने घर से साइकिल से खेतों पर जा रहा था। गांव के पास ही जानसठ-खतौली मार्ग पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बालेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई। मिलकर्मी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों की ओर से अज्ञात में वाहन चालक के विरुद्ध हादसे का मुकदमा दर्ज किया है।
बुढ़ाना के फुगाना थाना क्षेत्र के गांव जोगियाखेड़ा निवासी चाहत (7) पुत्र शौकीन रविवार सुबह करीब 11 बजे सड़क किनारे पैदल ही जा रहा था। इसी दौरान कांधला की तरफ से आती वैन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार बच्चे को कई मीटर दूर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गांव जौला निवासी चालक कार लेकर फरार हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने पीछा करते हुए उसे गांव नीमखेड़ी के पास पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस घायल बच्चे को शामली अस्पताल ले जाने लगी, लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना पर जौला गांव से कार चालक के परिजन भी मौके पर जा पहुंचे, जहां बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया, जिसके बाद पीड़ित परिजनों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
राजेंद्र तीन पुत्र एवं दो पुत्री छोड़ गया
बहसूमा। मुजफ्फरनगर के रसूलपुर के समीप हुए हादसे में बहसूमा के गांव मोड़ कला निवासी एक ही परिवार के राजेंद्र व योगेश की मौत हो गई। राजेेंद्र अपने पीछे तीन पुत्र पप्पी, रामवीर, जोनू व दो शादीशुदा पुत्री प्रीती एवं एक अन्य छोड़ गया है।
राजेंद्र के लिए मुश्किल भरे रहे चाल साल
राजेंद्र की मां शांति की चार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। इसके अगले साल उसकी पत्नी संतोष की कैंसर के चलते मौत हुई। गत वर्ष उसके पिता महेंद्र की भी बीमारी की वजह से मौत हो गई। अब राजेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो गई।
वहीं, सड़क हादसे में मारे गए योगेश के दो पुत्र हैं। उसका बड़ा बेटा सागर (18) मानसिक रूप से कमजोर है तथा दूसरे बेटा आकाश (15) है। वह पढ़ाई कर रहा है।