ग्राम भामौरी निवासी दस वर्षीय मासूम को दो युवकों ने चोरी के शक में शुक्रवार को अमानवीय यातनाएं दीं। इतने पर भी दिल नहीं भरा तो उसे अटेरना गंगनहर पुल पर ले जाकर उसके हाथ-पैर बांधकर नीचे लटका दिया। बच्चा जान की भीख मांगता रहा और आरोपी उसे गंगनहर में डुबोकर फरार हो गए। पीएसी के गोताखोर बच्चे की तलाश में गंगनहर में जुटे हैं।
पुलिस के अनुसार ग्राम भामौरी निवासी मुकेश पुत्र छत्रपाल के दो पुत्र दीपांशु (13) और लक्की (10) हैं। गांव के ही दो युवक लक्की को शुक्रवार दोपहर बाइक पर लेकर ग्राम अटेरना गंगनहर पुल पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे लक्की पर घर में रखे दो हजार रुपये चोरी करने की बाबत पूछताछ कर रहे थे। उसे अमानवीय तरीके से यातना भी दे रहे थे। वहीं, बालक मदद के लिए चिल्ला रहा था। इस पर लोगों के पूछने पर युवकों का कहना था कि इसे चोरी की आदत है। इसने घर से दो हजार रुपये चोरी किए हैं। यह उनका पारिवारिक मामला है। वे बालक को डरा रहे हैं, जिससे वह भविष्य में ऐसी वारदात नहीं कर सके।
इसके कुछ देर उन्होंने लक्की को पुल से नीचे लटका दिया और देखते ही देखते उसे डूबो दिया। इस पर नहर में पशु नहला रहे लोग उन्हें पकड़ने दौडे़ और आरोपियों की बाइक पीछे से पकड़ ली। जिस पर आरोपी बाइक छोड़कर खेतों के रास्ते भाग निकले। सूचना पर पुलिस के साथ ही लक्की के परिजन और पूर्व ग्राम प्रधान दिनेश, सुुुभाष समेत सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों की मांग पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा और सीओ सरधना ने पीएसी के गोताखोर बुलवाकर लक्की की तलाश कराई। लेकिन उसका पता नहीं चल पाया था। पीड़ित मुकेश ने गांव के ही कुलदीप पुत्र राजकुमार और मोनू पुत्र मदन के खिलाफ बच्चे को घर से ले जाकर गंगनहर में डुबोने की नामजद तहरीर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
500 रुपये दिए थे
सीओ को गांव के बालक रवि पुत्र राकेश ने बताया कि लक्की ने आरोपियों को पांच सौ रुपये पहले ही दे दिए थे। इसके बावजूद आरोपी उसे यातना देते रहे।