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एक्सक्लूसिव रिपोर्ट: इन आठ कुख्यातों के सामने छोटे पड़े कानून के हाथ, पुलिस कस्टडी से हुए फरार

Mon, 22 Apr 2019 01:07 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : फाइल
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कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। लेकिन मेरठ जिले से पुलिस कस्टडी से फरार आठ कुख्यातों को पकड़ने में कानून के हाथ बहुत छोटे पड़ गए हैं। यूं कहें कि इन शातिरों के सामने पुलिस एक तरह से फेल साबित हो चुकी है। कुछ दिनों तक पुलिस की टीमें हाथ पैर मारती हैं। लेकिन फिर उनका टास्क मैनेजमेंट कमजोर पड़ जाता है।

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मेरठ जोन के नौ जिलों की बात करें तो साल 2014 से 18 अपराधी पुलिस कस्टडी से फरार चल रहे हैं। इनमें अकेले मेरठ जिले से 08 अपराधी हैं। इनमें ताजा मामला कुख्यात बदन सिंह बद्दो का है। इन बदमाशों का पुलिस नेटवर्क तक नहीं तलाश पाई है। पुलिस दावा करती है कि फरार अपराधियों की तलाश में चार-पांच टीमें लगी हैं। लेकिन यह झूठ साबित होता है। पेशी के दौरान लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को जेल जाना पड़ता है। केस दर्ज होता है। पुलिस की किर-किरी होती है। लेकिन फरार बंदी मौज काट रहा होता है। वहीं, जिन पीड़ितों को ऐसे बदमाशों से खतरा होता है, उनके लिए हर पल दहशत में बीतता है। सुरक्षा की गुहार लगाने वाले पीड़ितों को केवल आश्वासन ही मिलता है।

ये हैं मेरठ से फरार हुए आठ कुख्यात 
      तारीख                                      नाम                                               कहां से                          इनाम
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- 25 अप्रैल 2013        इरफान पुत्र अय्यूब, हर्रा सरूरपुर                               मेडिकल अस्पताल         25000
- 20 दिसंबर 2014       सुनील पुत्र जगवीर सिंह, सिनौली बागपत                 सदर बाजार                  5000
- 17 नवंबर 2014         विनय उर्फ छोटू पुत्र ईश कुमार, दबथुआ सरधना         सदर बाजार                 5000
- 09 जनवरी 2015        मोनू पुत्र कालीचरण, अछरौंडा परतापुर                      पुलिस लाइन               25000
- 26 सितंबर2015        नजाकत उर्फ पप्पू पुत्र सफाकत, रशीदनगर ब्रह्मपुरी       कचहरी                      50000
- 26 नवंबर 2015        आदित्य पुत्र कैलाश, हलपुरा अरनिया बुलंदशहर             मेडिकल अस्पताल       25000
- 28 अगस्त 2017        संदीप कुमार पुत्र रंजू, अब्दुल्लापुर                              जेल परिसर (मेडिकल)   5000
- 28 मार्च 2019          बदन सिंह बद्दो पुत्र चरणसिंह, बेरीपुरा टीपीनगर                 होटल मुकुट महल      250000

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मेरठ बना फरारी का सेफ अड्डा
मेरठ जिला की फरारी का सेफ अड्डा बन गया है। होटल, ढाबे, कचहरी, मेडिकल कॉलेज या फिर रास्ते से बंदी आसानी से फरार हो चुके हैं। बागपत और बुलंदशहर से आए बंदी भी यहां से फरार हुए हैं।

जोन से फरार अपराधी
बुलंदशहर से विनोद शर्मा, शाहनवाज, सुखदेव, सांवल उर्फ सुनील, गाजियाबाद से रोहित, सहारनपुर से वाजिद उर्फ काला, दानिश, बिरजु उर्फ ब्रजपाल, मुजफ्फरनगर से अजेंद्र, हापुड़ से रनदीप सिंह उर्फ राजा फरार हैं।

लगी हैं पुलिस टीमें
कस्टडी से फरार सभी आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं। शातिर बदन सिंह बद्दो समेत कई अपराधियों को ढूंढने के लिए एसटीएफ भी लगी है। अपराधी को देखते हुए इनाम किया गया है। संबंधित जिले के एसएसपी से इसकी जानकारी भी ली जाती है। - प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन

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