मेरठ। शास्त्रीनगर ड्रग्स स्कैंडल और गैंगरेप के मामले में अपनी किरकरी करा चुकी पुलिस ने शुक्र वार को आखिरकार मुख्य आरोपी सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
यह प्रकरण पिछले दस दिनों से पुलिस अफसरों के गले की फांस बना हुआ है। पीड़ित पक्ष क ा दबाव और आए दिन हो रहे एसएसपी के घेराव के चलते पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
शहर के चर्चित इस प्रकरण में तीन आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। जबकि पांचवां नामजद आरोपी साकिब सिद्दीकी अभी भी पकड़ से दूर है।
केंद्रीय सेवा में अधिकारी की बेटी ने बहादुरी से ड्रग्स स्कैंडल का न सिर्फ खुलासा किया बल्कि पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में बयान भी दिए। पूरे प्रकरण में अरीब सिद्दीकी, शशांक प्रधान, सिद्धार्थ गुर्जर, शुभम प्रधान और साकिब सिद्दीकी के खिलाफ मेडिकल थाने में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था।
शहर के इस चर्चित और हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस ने पहले अरीब को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। लेकिन आरोपियों की प्रोफाइल जानकर पुलिस बैकफुट पर आ गई। यहां तक कि एसएसपी ने इसे प्रेमप्रसंग का मामला बता डाला।
मामले ने तूल पकड़ा तो भाजपा नेताओं ने एसएसपी का घेराव करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। मामला मुख्यमंत्री के पास तक पहुंचा तो उन्होंने अपने दो राज्यमंत्रियों को बिटिया के घर भेजकर कार्रवाई का आश्वासन दिलवाया। लेकिन इसके बावजूद जुल्म सहने वाले बिटिया से कभी पुलिस सुबूत मांगती तो कभी पुलिस मामले को दबाने में लगी रही।
पीड़िता को दबाव में लेने की भी कोशिश की गई। पूरे प्रकरण में भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी संसद में उठाने की बात कही। भाजपा नेता कई बार एसएसपी का घेराव कर चुके हैं तो बृहस्पतिवार को कांग्रेसियों ने एसएसपी ऑफिस पर हल्ला बोला। आखिरकार कप्तान को बैकफुट पर आना पड़ा। जिसमें एसएसपी ने एसओ मेडिकल को स्पष्ट कह दिया कि वे इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं सुनना नहीं चाहते।
शुक्रवार को एसओ मेडिकल ने तेजगढ़ी चौराहे के पास से आरोपी सिद्धार्थ गुर्जर निवासी शास्त्रीनगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि सिद्धार्थ मूल रूप से किठौर के नवल गांव का रहने वाला है।
आरोपी सिद्धार्थ गुर्जर को पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार देर शाम स्पेशल जज पॉस्को एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी की अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने सिद्धार्थ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।