गांधी आश्रम चौराहे पर चेकिंग के दौरान हुए विवाद में दरोगा और भाजपा कार्यकर्ता में हाथापाई हो गई। मामला इतना बढ़ा कि भाजपाइयों ने दरोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर गढ़ रोड जाम कर दी और धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों से भी धक्कामुक्की हो गई। एसपी सिटी ने दरोगा और सिपाहियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
विज्ञापन
2 of 6
दरोगा से उलझते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
औरंगशाहपुर डिग्गी निवासी एनएएस कॉलेज में बीए फाइनल का छात्र मोंटू सागर भाजपा कार्यकर्ता है। रविवार शाम करीब 7:30 बजे गांधी आश्रम चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने मोंटू की बाइक रुकवा ली। नौचंदी थाने के फूलबाग चौकी इंचार्ज महेंद्रपाल शर्मा ने कागज मांगे तो मोंटू ने कहा कि उसने हेलमेट तो लगा रखा है। आरसी नहीं है बाकी सभी कागज हैं। कहो तो व्हाट्स एप पर आरसी की कॉपी मंगा देता हूं।
विज्ञापन
3 of 6
दरोगा से उलझते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
दरोगा ने चालान काटने की बात कही तो दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। इस दौरान नौचंदी थाने के दो पुलिसकर्मी भी वहां सादे कपड़ों में थे, जो मोंटू से भिड़ गये। मोंटू ने कॉल कर कैलाशपुरी निवासी भाजपा नेता अंकुर गोयल और समर्थकों को बुला लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अंकुर से भी हाथापाई कर दी। जिसके बाद बखेड़ा हो गया। जिसके बाद नौचंदी इंस्पेक्टर नीरज सिंह, भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता, भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा, सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल, पार्षद मनोज वर्मा भी समर्थकों के साथ पहुंच गए।
4 of 6
दरोगा से उलझते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
पार्षद अंशुल गुप्ता समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। भाजपा के 100-120 कार्यकर्ताओं ने वहां जाम लगा दिया। मौके पर एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, सीओ सिविल लाइन और सीओ कोतवाली के अलावा कई थानों की पुलिस लेकर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने भाजपाइयों को समझाने का प्रयास किया तो पुलिस अफसरों और भाजपाइयों में जमकर धक्कामुक्की हुई।
विज्ञापन
5 of 6
दरोगा से उलझते कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा नेता दरोगा को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गये। बीच सड़क पर धरना देने से लंबा जाम लग गया। करीब एक घंटा चले हंगामे के बाद एसपी सिटी ने कहा कि जो भी दरोगा और सिपाही हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिसके बाद भाजपाई धरने से उठे। वहीं, दरोगा महेंद्रपाल शर्मा का कहना है कि उन्होंने बाइक के कागज मांगे थे। अभद्रता या गालीगलौज का आरोप गलत है। उनसे खुद गालीगलौज कर सस्पेंड कराने की धमकी दी गई।
भाजपा कार्यकर्ता को समझाते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो बनाने पर हाथापाई
जिस समय भाजपाई धरने पर बैठे थे उस समय एक सिपाही वीडियो बनाने लगा। जिसके बाद भाजपाइयों ने सिपाही से मोबाइल छीन लिया और कहा कि यहां रहना नहीं है। इस दौरान सीओ पार्षद अंशुल गुप्ता को धरने से उठाने लगे, जबकि भाजपाई सीओ को जमीन पर बैठाने लगे। बाद में अफसरों और पुलिस में हाथापाई भी हुई।