इंचौली क्षेत्र का कस्तला गांव बुखार से तप रहा है। हालात यह हैं कि गांव के हर परिवार में कोई न कोई बुखार की गिरफ्त में है। इससे अब तक 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जबकि, करीब 22 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस बीच, सोमवार को बुखार से ही एक दंपति की मौत हो गई।
इससे तमतमाए ग्रामीणों ने मंगलवार को पीएचसी पर हंगामा करते हुए मेडिकल स्टाफ को बंधक बना लिया। सीएमओ को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने डिप्टी सीएमओ को मौके पर देखकर जबर्दस्त हंगामा काटा। उन्होंने जब अस्पताल का पूरा स्टाफ बदलने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
कस्तला गांव निवासी 55 वर्षीय कालू शर्मा और उनकी पत्नी मंजू शर्मा करीब को एक सप्ताह से बुखार था। परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां इलाज के दौरान सोमवार को दोनों की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में बुखार से लगातार हो रही मौतों से गुस्साए ग्रामीण मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे पीएचसी पहुंचे।
हंगामा करते हुए डॉक्टर और फार्मेसिस्ट को अस्पताल में ही बंधक बना लिया। ग्रामीण सीएमओ को बुलाने की जिद पर अड़ गए। सूचना पर सीएमओ ने दोपहर में डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. गंगाप्रसाद और डॉ. नूतन को मौके पर भेजा। लेकिन, उन्हें भी बंधक बनाते हुए ग्रामीण सीएमओ को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। चार घंटे इंतजार के बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. केसी तिवारी, एसीएमओ संजय जोधा, भावनपुर सीएचसी प्रभारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा और तेज कर दिया।
सफाईकर्मी बांटता है दवा:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में फार्मेसिस्ट नहीं, बल्कि सफाईकर्मी दवा देता है। जबकि, फार्मेसिस्ट और डॉक्टर सिर्फ दो घंटे के लिए आते हैं। एसीएमओ ने अस्पताल का पूरा स्टाफ बदलने का आश्वासन दिया और गांव में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए दवा की छिड़काव कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। सूचना पर जिला भाजपा उपाध्यक्ष अजीत चौधरी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सीएमओ, एसडीएम और डीएम से वार्ता करने की बात कही।
कई परिवार भी हैं चपेट में
ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में बुखार महामारी की तरह फैला हुआ है। डेढ़ माह में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें रमेश, शामिया, कालू, सीमा, मुथरी, राबिया, कैलाशी, खूब सिंह, सुदेश, प्रकाश, श्यामू, योगेश, धीरज और राजवीरी समेत अन्य शामिल हैं। इसके अलावा किरनपाल सिंह और उनके भाई के परिवार के सदस्यों में छोटे से लेकर बड़े तक बुखार की चपेट में हैं। पूर्व प्रधान मनीराम करीब एक सप्ताह से बुखार की चपेट में हैं और केएमसी में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि बुखार से पीड़ित गांव के 22 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
आज लगेगा चिकित्सा कैंप
डिप्टी सीएमओ तिवारी, एसीएमओ डॉ. जोधा ने बताया कि गांव में बुधवार चिकित्सा कैंप लगे। इसमें चिकित्सक बुखार से पीड़ित लोगों की जांच करेंगे। साथ ही दवाओं के छिड़काव का भी बंदोबस्त किया जाएगा।
गांव में यज्ञ करेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि बुखार से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग से नाउम्मीद हो चुके ग्रामीण अब हवन-पूजन की तैयारी में हैं। इसके लिए वे चंदा भी जुटा रहे हैं। दो दिन बाद गांव में हवन-पूजन होगा।