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दरोगा ने धारा हटाई, एसएसपी ऑफिस पर हंगामा

Sun, 19 Mar 2017 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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ट्रांसफर होते ही दरोगा विवेचना में खेल करने लगे हैं। मुकदमों की नींव खोखली करने के लिए कई दरोगाओं ने तीसरे दिन भी चार्ज नहीं छोड़ा। शनिवार को तीन शिकायतें एसएसपी के पास पहुंचीं। जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि दरोगा ने आरोपियों से साठगांठ करके उसके मुकदमे से जानलेवा हमले की धारा हटा दी। एसएसपी ने दोबारा से जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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पल्लवपुरम निवासी हर्षिका की शादी 29 जनवरी 2015 को राहुल गोयल निवासी चाऊ मंडी, रुड़की से हुई थी। राहुल नोएडा में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। आरोप है कि हर्षिका को उसके सुसराल वालों ने जान से मारने के इरादे से जहर पिलाया था। एक महीने पहले एसएसपी के निर्देश पर पति राहुल गोयल, ससुर विजेंद्र गोयल (दून टैंट हाउस वाले), सास ममता समेत छह लोगों पर केस दर्ज हुआ था। यह केस पल्लवपुरम और महिला थाने में दर्ज किया था।
अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद एसएसपी ने पल्लवपुरम थाने को केस की विवेचना दी। जिसके विवेचक अर्जुन सिंह हैं। शनिवार को हर्षिका ने अपने परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि दरोगा ने पैसे लेकर मारपीट और जानलेवा हमले की धारा हटा दी। उसके बाद एक महिला इंचौली और दूसरी भावनपुर की पहुंच गई। उक्त दोनों महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि दरोगा ने उसके मुकदमे से धारा हटा दी।
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जल्दबाजी में बयान भी कराए
बृहस्पतिवार रात एसएसपी ने शहर के 28 दरोगाओं का ट्रांसफर किया था। इक्का दुक्का छोड़कर तीन दिन बीतने के बाद भी किसी दरोगा ने दूसरी जगह पर चार्ज नहीं किया। वजह सिर्फ विवेचना को खत्म करने की बताई जा रही है। दरोगा आनन फानन में पीड़ितों के बयान दर्ज कर विवेचना के पर्चे काट रहे है। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ का कहना है कि किसी भी विवेचना में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। दोबारा जांच कराकर दरोगा पर कार्रवाई की जाएगी।
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