एसओ ने बताया कि अधिवक्ता के छोटे भाई और उसकी पत्नी का विवाद चल रहा है। इसके अलावा मंगलवार को भी अधिवक्ता के पिता के साथ हिंड गांव निवासी किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था। अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है, सभी मामलों को दिखवाया जा रहा है।
वहीं अधिवक्ता गुलजार की हत्या की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण पहले तो निजी अस्पताल पहुंचे और फिर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचने शुरू हो गए थे। हालांकि अधिवक्ता ज्यादा नहीं पहुंचे थे।
परिजनों के अनुसार गांव सिक्का निवासी अधिवक्ता गुलजार कैराना कचहरी में करीब तीन साल से प्रेक्टिस कर रहे थे। रोजाना घर से कैराना कचहरी में जाते थे और शाम को घर लौटते थे। अधिवक्ता की हत्या की सूचना मिलने पर उनकी पत्नी अपने देवर के साथ गंगा अमृत अस्पताल पहुंची और पति का शव देखकर बिलख गई। रो- रोकर उसका बुरा हाल था। जैसे जैसे सूचना गांव में पहुंच रही थी परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचने लगे थे। बाद में पुलिस शव को पोस्टमार्टम हाउस ले गई। इसके बाद ग्रामीण वहां भी पहुंचने लगे। पुलिस ने सबको समझाकर वहां से भेजा। अधिवक्ता के भाई मोनू ने बताया कि तीन भाइयों में गुलजार मंझला था। बड़ा भाई इंतजार और छोटा मोनू उर्फ इस्तखार है। उनके एक बहन सलमा शादीशुदा है।
कैराना बार एसोसिएशन के सचिव नसीम अहमद, इंतजार, शमीम अहमद, संजय कुमार आदि कई अधिवक्ता देर रात आदर्श मंडी थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अधिवक्ताओं ने घटना पर रोष जताया। उन्होंने बताया कि इस मसले पर पुलिस के उच्चाधिकारियों से मिला जाएगा और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
पुलिस ने ली घटनाक्रम की जानकारी
पुलिस ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ता के मुंशी सचिन से पूरी घटना की जानकारी ली। इसके बाद उसे अपने साथ ले जाकर घटनास्थल देखा। हमलावर किस तरह आए। कहां पर पहला फायर किया, किस जगह बाइक को लात मारकर गिराया। देर रात तक पुलिस इसी होमवर्क में लगी थी।
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