कैदी के भागने पर पुलिसकर्मियों से पूछताछ करते एसपी सिटी।
- फोटो : अमर उजाला
भरी कचहरी में हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस कस्टडी से हत्या के एक मुल्जिम को छुड़ाने की सनसनीखेज वारदात कर दी। मुल्जिम को कोर्ट में पेश कराकर वापिस ले जा रहे दो सिपाहियों पर कचहरी परिसर में बदमाशों ने पिस्टल तान दी। छीनाझपटी में बदमाशों ने एक सिपाही की गर्दन पर उस्तरे से हमला बोल दिया। इस दौरान मौके पर एक बदमाश का तमंचा गिर गया। इस वारदात के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस के अनुसार इकराम पुत्र अमीरूद्दीन निवासी खिर्वा जलालपुर सरधना ने लिसाड़ी गेट के लखीपुरा में चार दिसंबर 2010 को नदीम की हत्या की थी। तभी से इकराम जिला जेल में बंद था। बृहस्पतिवार को इकराम कचहरी में पेशी पर आया था। दोपहर करीब 3:15 बजे दो सिपाही अरविंद और कमर अली एडीजे-7 की कोर्ट से इकराम व अन्य दो मुल्जिमों राहुल और योगेश को लेकर कचहरी परिसर स्थित सेशन हवालात ले जा रहे थे। इसी दौरान हथियारों से लैस पांच बदमाशों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया।
बदमाशों ने सिपाहियों की कनपटी पर पिस्टल तान दी और इकराम को छुड़ा लिया। इस दौरान सिपाहियों ने इकराम को दबोचने का प्रयास किया तो एक बदमाश ने सिपाही करम अली की गर्दन पर उस्तरा दे मारा। छीनाझपटी के दौरान एक बदमाश का तमंचा और एक कारतूस भी वहीं गिर गए। बदमाश इकराम को छुड़ाकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी, एएसपी सिद्धार्थ मीणा, आरआई सत्यप्रकाश शर्मा और सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने सिपाहियों को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भेज दिया।
इकराम ने की थी जेल ब्रेक
पुलिस के अनुसार वर्ष 2011 में जिला जेल ब्रेक कर 11 बंदी भागे थे, जिसमें इकराम भी शामिल था। तभी उसको भगोड़ा घोषित किया गया था। पुलिस ने दो महीने बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। जेल में उस पर अलग से चौकसी बरती जा रही थी। जेल में उसकी मुलाकात कुख्यात संदीप उर्फ भरतू नाई निवासी रोहटा व देवेश त्यागी निवासी जागृति विहार से हुई। उसे भगाने में भरतू नाई और देवेश त्यागी की भूमिका बताई गई। सूत्रों के अनुसार पुलिस कस्टडी से भगाने के पीछे दोनों कुख्यातों ने इकराम को कई लोगों की हत्या करने का टारगेट दिया है।