बागपत से अपहृत आर्यन का शव डालूहेड़ा जानी स्थित हिंडन नदी से मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। शव देखते ही परिजनों की रूह कांप गई। चारों तरफ चीख पुकार मच गई। पिता रोते हुए चिल्लाया कि बागपत पुलिस की लापरवाही से उसके बेटे की हत्या हुई है। बार-बार सूचना देने पर भी पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच पायी। पुलिस ने उसके बेटे को मार डाला।
दोपहर करीब 2:30 बजे डालूहेडा के एक युवक ने आर्यन के चाचा रूबीन को फोन किया कि एक बच्चे की लाश मिली है। इसकी जानकारी लगते ही आर्यन के पिता रविंद्र और रुबिन पांच छह युवकों के साथ वहां पहुंचे। आर्यन की पहचान करते ही रविंद्र चिल्ला उठा कि उसके बेटे की हत्या बागपत पुलिस की लापरवाही से हुई है। वह बदमाशों की बार-बार लोकेशन बताते रहे, लेकिन पुलिस हिली तक नहीं। जिसका नतीजा यह हुआ कि बदमाशों ने आर्यन को मारकर नहर में फेेंक दिया।
पंचनामे पर भड़के परिजन
ग्रामीणों ने हिंडन नदी में झाड़ियों में एक बालक का शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी थी। जानकारी पर बागपत पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव हिंडन नदी से बाहर निकलवाया। जानी पुलिस ने शव का पंचनामा भरने का प्रयास किया तो परिजन भड़क गये। परिजन बागपत पुलिस के खिलाफ आगबबूला थे। उन्होंने पुलिस को पंचनामा भरने से रोकते हुए कहा कि उनका पुलिस से विश्वास उठ गया है। पुलिस अपहरण की सूचना के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रही। इसी बीच बागपत एसपी पूनम और सीओ श्वेताभ पांडे की परिजनों से कहासुनी हो गई। एसपी बागपत ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया।
गला दबाकर मारा आर्यन
एसपी बागपत ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से घटना को लेकर जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि यह शव दोपहर को दिखाई दिया। जांच के लिये डॉग स्क्वाएड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलवाया गया। आर्यन के शरीर की कई जगह से खाल फूल गई थी। चेहरे पर चोटों के निशान थे। जीभ बाहर निकली हुई थी। जिससे लगता था कि आर्यन की हत्या गला दबाकर की गई हो।