बागपत। छात्र आर्यन की अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में एसपी पूनम ने भड़ल चौकी के स्टाफ को लापरवाह माना। उन्होंने पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया।
गुस्साए लोगों ने चौकी पर तैनात पुलिस वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। भडल गांव में जिस कांवड़ शिविर से आर्यन का अपहरण हुआ था। वह भड़ल चौकी के पास ही स्थिति था। लोगों का तो आरोप है कि पुलिस के सामने ही आर्यन का अपहरण हुआ है।
मंगलवार को आर्यन का शव मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसपी पूनम के सामने चौकी पर तैनात पुलिस वालों का काला चिट्ठा खोल दिया। उनका कहना था कि आर्यन के अपहरण में भड़ल चौकी पुलिस की लापरवाही रही है। अफसरों ने उसी समय पुलिस वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
एसपी पूनम ने देर शाम भड़ल चौकी प्रभारी एसआई सोमपाल सिंह, एचसीपी विनोद कुमार, एचसीपी सूरजमल, कांस्टेबल वेदप्रकाश, कांस्टेबल छत्रपाल, कांस्टेबल विक्की और कांस्टेबल इब्राहिम को सस्पेंड कर दिया। साथ ही जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा करने को कहा।
चौकी छोड़ भागी पुलिस, डीआईजी पहुंची
दोघट। आर्यन की मौत के बाद ग्रामीणों की भीड़ देखते ही पुलिसकर्मी चौकी छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिसकर्मियों ने हंगामे की सूचना फ्लैश की। मेरठ से डीआईजी लक्ष्मी सिंह सबसे पहले बायवाला होते हुए भड़ल चौकी पहुंच गई। डूंडाहैड़ा पहुंची कप्तान पूनम और डीएम ह्दय शंकर तिवारी भी इसके बाद ही पुलिस चौकी पहुंचे।
चौकी में तोड़फोड़ से रोका
दोघट। भड़ल चौकी पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने तोड़फोड़ और आग लगाने की बात कही, लेकिन कुछ लोगों ने समझाकर मामला शांत किया। ग्रामीणों का कहना था कि कानूनी तरीके से अपनी मांग रखी जाएगी।