मेरठ-हापुड़ मार्ग पर हाजीपुर गांव के पास सोमवार देर रात ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। हादसे में ट्राली पर सो रहे चार मजदूर ईंटों के नीचे दब गए। चालक ने मेरठ में रह रहे अपने रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया और युवकों को ईंटों के नीचे से निकाला। सभी को वे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुजफ्फरनगर जिले के थाना बुढ़ाना क्षेत्र के गांव जौला स्थित पारस ब्रिक फिल्ड से चालक फुरकान पुत्र गफ्फार अपने ट्रैक्टर-ट्राली में सोमवार रात करीब आठ बजे हापुड़ के लिए छह हजार ईंटें भरकर चला था। उसके साथ मजदूर कामिल (35) पुत्र अब्दुल रहमान, नाजिम (22) पुत्र रहीस, कामिल (24) पुत्र नजर मोहम्मद और रिजवान (20) पुत्र अख्तर निवासी जौला भी थे। चारों युवक ट्राली पर तिरपाल बिछाकर सो रहे थे। रात करीब 1:30 बजे चालक ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मेरठ-हापुड़ मार्ग पर हाजीपुर गांव के सामने पहुंचा। यहां एनएच 235 का निर्माण चल रहा है। चालक फुरकान ने छह फीट ऊंचे निर्माणाधीन हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्राली चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन लोड ज्यादा होने के कारण वह सड़क किनारे गहरे गड्ढे में पलट गई। इससे ट्राली पर सो रहे चाराें युवक ईंटों के नीचे दब गए। वहीं फुरकान भी घायल हो गया। उसने आनन फानन में नौचंदी थाना क्षेत्र में रह रहे अपने रिश्तेदारों को फोन कर मौके पर बुलाया। सभी ने ईंटें हटाकर युवकों को बाहर निकाला और पास के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मंगलवार तड़के चारों मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। युवकों की मौत से परिजनों को रो रोकर बुराहाल था।
ओवरलोड वाहनों पर नहीं कसी जा रही नकेल
बागपत, बुढ़ाना मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों से हापुड़ व मेरठ शहर में ईंटें सप्लाई की जाती हैं। ट्रैक्टर के पीछे बड़ा ट्राला लगाकर ये लोग छह से आठ हजार तक ईंटें भर लेते हैं। ये वाहन ज्यादातर रात में ही चलते हैं। इनसे अक्सर हादसा होने के डर बना रहता है। पुलिस और आरटीओ की मिलीभगत के कारण ये धड़ल्ले से चल रहे हैं।
परिवार में नहीं है कोई और कमाने वाला
मृतक कामिल शादीशुदा है। उसकी पांच बेटी हैं और वह अपने परिवार के साथ अलग रहता है। कमाई का साधन न होने के कारण रात में भी मजदूरी करता था। वहीं नाजिम को केवल एक बेटी है वह भी पत्नी व बेटी के साथ परिवार से अलग रहता है। कामिल की अभी एक वर्ष पूर्व ही शादी हुई है। पत्नी गर्भवती है। रिजवान अभी अविवाहित है और मजदूरी कर परिवार चलाने में अपने पिता का हाथ बंटाता था।
ओवरलोड था वाहन
ट्रैक्टर-ट्राली में लोड ज्यादा था। हाईवे की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण वह उस पर नहीं चढ़ सका। इसलिए हादसा हुआ है। हादसे का शिकार हुए चारों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। -मनीष बिष्ट, इंस्पेक्टर खरखौदाक्ष्