जिले में सियासी सूरमाओं की हत्या की लंबी फेहरिस्त
छपरौली क्षेत्र में एक के बाद एक तीन सनसनीखेज हत्याएं हो चुकी हैं। जिले में ही सियासी लोगों की हत्या की लंबी फेहरिस्त है। खेकड़ा के चेयरमैन हरेंद्र धामा की उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। छपरौली में भाकियू नेता भोपाल कैप्टन की भी हत्या हुई थी।
टीकरी के चेयरमैन रहने के दौरान नरेश राठी की हत्या की गई थी। अपने पिता नरेश राठी की हत्या का बदला लेने के लिए सुनील राठी अपराध की दलदल में धंसता चला गया। ग्राम प्रधान के चुनाव की बात करें तो पुसार के प्रधान बलजोर की हत्या कर दी गई थी। वारदात से पूरा क्षेत्र सहम गया था।
सौम्य छवि के रालोद नेता बदरखा के देशपाल खोखर की हत्या पिछले महीने ही हुई। परिवार के लोगों का विवाद हुआ, लेकिन निशाना देशपाल बदरखा बन गए।
छपरौली की बात करें तो भाकियू नेता भोपाल कैप्टन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खेकड़ा के चेयरमैन रहे हरेंद्र धामा की उस वक्त हत्या की गई थी, जब वह अपने कार्यालय में बैठकर कामकाज निपटा रहे थे। मंगलवार को संजय खोखर निशाना बन गए।
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