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क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा 50 हजार का इनामी जावेद, इन बड़ी वारदातों को दे चुका था अंजाम

Thu, 07 Feb 2019 10:38 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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आरोपी जावेद रटौल गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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क्राइम ब्रांच एवं बागपत पुलिस ने 50 हजार के इनामी जावेद रटौल को गिरफ्तार कर लिया। वह साढ़े सात माह पहले कचहरी परिसर से पेशी के दौरान पुलिस को चमका देकर फरार हो गया था। उसके कब्जे से चोरी की बाइक, पिस्टल, कारतूस व पांच मोबाइल बरामद हुए है। फरारी के समय उसने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया। 

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एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि जावेद पुत्र आकिल निवासी रटौल हाल निवासी गांव नगला गोविंदपुर थाना ककोड़ जनपद बुलंदशहर 27 जून 2018 को जिला कारागार से कचहरी में पेशी पर लाया गया था। एचसीपी मंतु सिंह को चकमा देकर कचहरी से फरार हो गया था। उस पर जनवरी माह में 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया। क्राइम ब्रांच प्रभारी अनुराग शर्मा, कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह की टीम ने गुरुवार को चमरावल मार्ग पर पाबला गेट के पास से जावेद रटौल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 32 बोर का पिस्टल, छह कारतूस, चोरी की बाइक बरामद हुई। पूछताछ में उसने बताया कि 27 जून को वह रटौल गांव निवासी काजी अफ्सार की हत्या में पेशी पर लाया गया था। इस हत्याकांड में उसे सजा होने वाली थी। सजा से बचने के लिए वह कचहरी से भाग गया था। उसने हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई, पुणे, असम, गाजियाबाद में फरारी काटी। फरारी के समय उसने कई आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि जावेद पर विभिन्न थानों में लूट, हत्या, डकैती के 17 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। एसपी ने बताया कि जावेद को फरार कराने वाले छह-सात युवकों के नाम प्रकाश में आए है। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। जल्दी ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी ने क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की।

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इस तरह भागा जावेद रटौल 
पुलिस ने बताया कि कचहरी से कुख्यात जावेद रटौल ने फरार होने से एक माह पहले पूरा प्लान तैयार किया था। 27 जून को कचहरी हवालात से एचसीपी मंतु सिंह जावेद को कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर चला था। जावेद ने एचसीपी को विश्वास में लेकर शौचालय में जाने का बहाना बनाया। दूसरी मंजिल पर स्थित शौचालय में उसने कपड़े बदले। सिर पर टोपी व आंखों पर चश्मा लगाकर शौचालय से निकला और नीचे आ गया। एचसीपी ऊपर ही उसकी इंतजार करता रहा। कचहरी के बाहर उसका छोटा भाई फैयाज स्कूटी लेकर खड़ा था। छोटे भाई आदिल व भालू रास्ते में खड़े थे। उन्हें लोकेशन बता रहे थे। स्कूटी से वे निवाड़ा पुलिस चौकी के सामने से होते हुए हरियाणा की तरफ चले गए। बहालगढ़ पहुंचकर नए कपड़े खरीदे। यहां से स्कूटी पर सवार होकर दिल्ली चले गए। दिल्ली में एक जगह चेकिंग चल रही थी, तो उन्होंने स्कूटी वहीं छोड़ दी। दिल्ली के आनंद विहार में तीन दिन तक रहे। तीन दिन बाद यहां से ईको कार हापुड़ के लिए किराए पर की। गाजियाबाद के धौलाना में कार चालक को बंधक बनाकर कार लूट ली। नोएडा के जार्चा थाना क्षेत्र में पुलिस की घेराबंदी के कारण कार को छोड़कर भाग निकला। यहां से वह राजस्थान, मुंबई, पुणे, असम, गाजियाबाद में पुलिस से छिपकर रहा। राजस्थान में दो बार पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचा।

असम में कोयला व्यापारी से करने गया था लूट 
पुलिस ने बताया कि जावेद रटौल ने अपने साथियों के साथ असम के गुआलपाड़ा में कोयला व्यापारी से दो करोड़ रुपये लूटने की योजना बनाई। हापुड़ जनपद के बझेड़ा गांव निवासी कुख्यात इंतजार समेत पांच-छह बदमाशों के साथ असम में पहुंचा, लेकिन लूट करने में कामयाब नहीं हो सके। उसने पुणे से भी एक मोबाइल लूटा था। इसके बाद बुलंदशहर में 50 लाख रुपये में एक युवक के अपहरण का ठेका लिया, लेकिन यहां भी कामयाब नहीं हुए।  
 
काजी अफ्सार हत्याकांड में करना था समझौता 
जावेद ने बताया कि वह बागपत जेल में 20 महीने रहा। उसके पास रुपये नहीं थे। गांव के काजी अफ्सार की हत्या में सजा होने वाली थी, जिस कारण उसने कचहरी से भागने की योजना बनाई। उसका मकसद काजी अफ्सार की हत्या में परिवार पर दबाव बनाकर फैसला करना था, लेकिन वह काजी अफ्सार के परिजनों से नहीं मिल सका।
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1998 से कर रहा अपराध 
पुलिस ने बताया कि जावेद रटौल ने 1998 में गांव के मोईनुद्दीन को गोली मारकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। घायल मोईनुद्दीन से खेत में पानी चलाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद गांव के ही पोपल पुत्र इरशाद की रोडवेज बस से उतारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2000 में चांदीनगर थाना क्षेत्र के भगोट गांव में युवक की हत्या की। वर्ष 2015 में रटौल गांव में काजी अफ्सार की गोली मारकर हत्या की। उसके खिलाफ खेकड़ा थाने में सात, चांदीनगर थाने में एक, मेरठ जनपद के जानी थाने में तीन, बिजनौर कोतवाली में एक, हापुड़ जनपद के धौलाना थाने में एक, बागपत कोतवाली में तीन मुकदमा दर्ज है। 

रामबीर शौकीन को नहीं ढूंढ़ पाई पुलिस 
दस लाख के ईनामी रहे अमित उर्फ भूरा फरारी प्रकरण में दिल्ली के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन को जिला कारागार से पुलिस 26 सितंबर 2018 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए ले गई थी। पूर्व विधायक अस्पताल से पुलिस को चमका देकर भाग गया था। पुलिस उसे अभी तक नहीं पकड़ पाई है। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पूर्व विधायक को पकड़ने के लिए टीम लगी हुई है। उसे भी जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।

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