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बारातऑ बिजली बंबा बाईपास पर शनिवार रात बारात की बस और ऑटो की टक्कर के बाद बखेड़ा हो गया

Sun, 05 Nov 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बारातऑ बिजली बंबा बाईपास पर शनिवार रात बारात की बस और ऑटो की टक्कर के बाद बखेड़ा हो गया। ऑटो चालक ने अपने गांव से दो दर्जन से अधिक युवकों को बुलाकर हमला बोल दिया। आरोप है कि तमंचे के बल पर आतंकित करते हुए बस को कब्जे में लेकर महिलाओं से छेड़छाड़ और लूटपाट की गई। विरोध करने पर तीन महिलाओं के सिर फोड़ दिए। 15 मिनट तक पूरी बस अराजक तत्वों के कब्जे में रही। गढ़ गंगा से लौट रहे श्रद्धालुओं ने तीन आरोपियों को पकड़कर पीटकर पुलिस को सौंप दिया। 
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पुलिस के अनुसार मुंडाली थाना क्षेत्र के समयपुर सिसौली निवासी दिलशाद पुत्र यूनुस खान की शनिवार को मुरादनगर के ढिंडोली गांव में बारात गई थी। रात करीब पौने आठ बजे बारात की बस लौट रही थी। बस में अधिकांश महिलाएं थीं। जैसे ही बस बिजली बंबा बाईपास पर जुर्रानपुर फाटक के पास पहुंची तो ऑटो से बस टकरा गई। ऑटो चालक और बस चालक के बीच मारपीट हो गई। 
आरोप है कि ऑटो चालक जावेद ने फोन करके जुर्रानपुर से दो दर्जन युवकों को बुला लिया। जिसके बाद तमंचे के बल पर पूरी बस में घुसकर युवकों ने चालक और बारातियों को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि महिलाओं से छेड़छाड़ और अभद्रता करते हुए उनके कुंडल, चेन और अंगूठी लूट ली। जिन महिला ने विरोध करने की कोशिश की, उसी महिला के साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट कर दी। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। महिलाएं जान बचाने के लिए चिल्लाती रहीं। लेकिन आरोपी छेड़छाड़, लूटपाट और मारपीट करते रहे। 
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हमले में हुस्नजहां और नजराना के चेहरे पर गंभीर चोट लगी हैं। इस बीच गढ़ गंगा से स्नान कर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से श्रद्धालु लौट रहे थे। बस में मारपीट होती देखकर उन्होंने शोर मचाकर महिलाओं की जान बचाई। इस दौरान आरोपी जंगल के रास्तेे भाग निकले। ऑटो चालक जावेद, समीर, माजिद को लोगों ने पकड़ लिया। सूचना पर ब्रह्मपुरी और परतापुर पुलिस मौके पर पहुंची। सीमा विवाद में घटना क्षेत्र परतापुर थाने का बताया। जिसके बाद बस चालक ने परतापुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मारपीट में घायल तीन महिलाओं को अस्पताल में ले जाकर उपचार कराया। बस चालक रहमत और परिचालक साबेज भी गंभीर रूप से घायल हो गये। 
श्रद्धालुओं ने बचाई जान:
रात में यदि श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्रॉली से न लौटते तो बड़ा मामला हो सकता था। महिलाओं मदद की गुुहार लगाती रहीं। श्रद्धालुओं ने ही आरोपियों को पकड़कर पीटा और पुलिस को सौंपा। आरोपी के ऑटो में भी तोड़फोड़ कर दी। बिजली बंबा बाईपास पर रात के आठ बजे भी यदि ऐसी घटना हो जाए तो फिर पुलिस गश्त पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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