भावनपुर के दतावली गांव में बृहस्पतिवार को चुनावी हमले में पुलिस फंस गई। मेरठ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष दुष्यंत तोमर ने आरोप लगाया कि गांव में कुछ युवकों ने उनसे मारपीट करते हुए पर्स लूट लिया। वह किसी तरह जान बचाकर भागे। पुलिस ने गांव में पहुंचकर दो आरोपी पकड़ लिए। जिन्हें ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर छुड़ा लिया।
इसके विरोध में मेरठ कॉलेज के छात्रों ने एसएसपी आवास पहुंचकर हंगामा काट दिया। कहा जा रहा है कि दुष्यंत एक प्रत्याशी का प्रचार करने दतावली गांव पहुंचा था। इसी दौरान उसके साथ मारपीट हुई। जबकि चौकी इंचार्ज ने भी पुलिस पर हमले की बात से इंकार कर दिया।
छात्रसंघ अध्यक्ष दुष्यंत और उसके दोस्त मोहित ने भावनपुर थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि दतावली गांव में करीब एक दर्जन युवकों ने जबरन उनकी स्विफ्ट कार रुकवा ली और मारपीट करते हुए पर्स छीन लिया। पर्स में नौ हजार रुपये थे। आरोपी कार में तोड़फोड़ करते कि वह भाग निकला और थाने पहुंचकर सूचना दी।
दुष्यंत का ही कहना है कि हसनपुर चौकी इंचार्ज संदीप बालियान दो सिपाहियों को लेकर गांव में पहुंचे। जहां से दो आरोपियों को पकड़ लिया। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर आरोपियों को छुड़ा लिया। जबकि चौकी इंचार्ज का कहना है कि दुष्यंत ने लूटपाट का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस पर हमले की बात गलत है।
उधर इस मामले में दुष्यंत के साथ एसएसपी आवास पहुंचे मेरठ कॉलेज के छात्रों ने हंगामा करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि मामले की जांच कराकर आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।
यह दुष्यंत का ड्रामा
दतावली के ग्रामीणों का कहना है कि दुष्यंत एक प्रत्याशी का प्रचार करने और अपनी बिरादरी के लोगों से वोट मांगने आया था। छात्रनेता भाजपा समर्थक है और वोट दूसरी पार्टी के प्रत्याशी के लिये मांगने आ गया। इस बात को लेकर ग्रामीण और छात्रनेता में कहासुनी हुई थी। जिसके बाद छात्रनेता ने यह ड्रामा किया।