पुलिस की लापरवाही के चलते एक हत्यारोपी पुलिस के सामने ही फरार हो गया। सोमवार को डिफेंस कॉलोनी में एक हत्यारोपी के मौजूद होने की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। बाद में डीआईजी तक मामला पहुंचा तो एक फैंटम भेजी गई और उसके सामने ही आरोपी फरार हो गया।
बड़ौत गांव मलखपुर निवासी विनोद की शादी डेढ़ साल पहले पल्लवपुरम फेस-2 में ओमदत्त की पुत्री ज्योति से हुई थी। विनोद के भाई प्रमोद ने बताया कि 10 सितंबर को विनोद एक लाख रुपये अपनी बहन मधु को देने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह अपनी ससुराल चला गया था। प्रमोद ने आरोप लगाया कि विनोद की ससुरालियों ने हत्या कर दी थी।
मामले में विनोद की पत्नी ज्योति, ससुर ओमदत्त, सास मंगलेश, साडू देवेंद्र उसकी पत्नी पूजा, साली आरती के खिलाफ दौराला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के एक महीने बाद भी पुलिस आरोपी फरार हैं। सोमवार को गंगानगर स्थित डिफेंस कॉलोनी में आरोपी देवेंद्र आया था। सूचना पर प्रमोद को वहां पहुंच गया। प्रमोद ने बताया कि उसने करीब 12 बजकर 15 मिनट पर पल्लवपुरम थाने में फोन कर सूचना दी।
वहां दरोगा उपेंद्र मलिक ने कहा कि 10 मिनट में पुलिस पहुंच जाएगी, लेकिन सूचना के एक घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। घर के बाहर इंतजार कर रहे प्रमोद और उसके परिजनों ने पुलिस के न आने पर डीआईजी आशुतोष कुमार को सूचना दी। डीआईजी ने पीआरओ के जरिए तत्काल फोर्स भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब सवा दो बजे पल्लवरपुरम थाने से दरोगा सुजीत सिंह और सिपाही दीपक कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने घर के अंदर घुसकर छानबीन कर आरोपी को पकड़ने की जहमत नहीं उठाई।
वहीं आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ पीछे के रास्ते से फरार हो गया। जबकि उसकी गाड़ी घर के बाहर ही खड़ी रही। वहीं पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को कब्जे में लेेना भी मुनासिब नहीं समझा।
गंगानगर पुलिस को नहीं दी सूचना
डिफेंस कॉलोनी से कुछ ही दूरी पर गंगानगर थाना है, लेकिन पल्लवपुरम थाना पुलिस ने गंगानगर थाने से संपर्क करने तक की जहमत नहीं उठाई।