मुजफ्फरनगर में गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा निवासी अब्दुल वहाब की शादी तय करके परिजनों ने खुशियां घर में लाने की उम्मीद की थी। अब्दुल वहाब की मर्जी के खिलाफ परिजनों ने रिश्तेदार की बेटी से उसका रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन एक सप्ताह बाद ही यह रिश्ता अब्दुल वहाब की जान ले बैठा।
रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा निवासी दिलशाद और गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव कलछीना निवासी नौशाद आपस में साढू हैं। रिश्तेदारी को मजबूत करने के लिए दिलशाद ने बेटे अब्दुल वहाब का रिश्ता नौशाद की बेटी से गत सात मार्च को ही तय किया था। आठ मार्च को दिलशाद खुद गाजियाबाद जाकर दोनों के निकाह की चिट्ठी लाया था, निकाह की तारीख 15 मार्च (रविवार) को तय की गई थी।
दिलशाद के भाई लील्ला ने बताया कि अब्दुल वहाब ने रिश्ते से इनकार किया था, लेकिन परिजनों ने उसकी एक नहीं सुनी। पूरा परिवार इस शादी को लेकर खुशियों में मग्न था, लेकिन एक सप्ताह बाद ही शुक्रवार तड़के अब्दुल वहाब का अपहरण होने से खुशियों को ग्रहण लग गया। अब परिजन उस क्षण को कोस रहे हैं, जब उन्होंने अब्दुल वहाब के इनकार के बावजूद उसका रिश्ता तय किया था।
युवती के गांव का है हत्यारोपी
अब्दुल वहाब के अपहरण और हत्या की गुत्थी को रतनपुरी थाना पुलिस लगभग सुलझा चुकी है। इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने बताया कि अब्दुल वहाब की जिस युवती से शादी तय हुई थी उस युवती के अपने गांव के ही युवक से संबंध होने की बात सामने आई है। दोनों के बीच काफी समय से मोबाइल पर लंबी बातें भी होती हैं। अपहरण के बाद अब्दुल वहाब के दोनों मोबाइल फोनों की लोकेशन भी कलछीना गांव के पास ही मिली थी। जांच में सामने आया है कि जिस युवक से युवती के संबंध थे उसी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर अब्दुल वहाब का अपहरण किया और हत्या कर दी।