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यूपी: पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो किशोरी ने फांसी लगाकर दे दी जान, पढ़िए- क्या है पूरा मामला

Thu, 13 Feb 2020 01:19 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला
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महिला अपराध के मामले में मेरठ पुलिस कितनी गंभीर है, इसकी पोल एक बार फिर खुल गई। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। कई बार थाना पुलिस से शिकायत की, इसके बावजूद नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। वह खुलेआम घूमता रहा। पीड़ित परिवार को धमकियां भी दे रहा था। किशोरी के जान देने के बाद मवाना इंस्पेक्टर के खिलाफ महज लाइन हाजिर करने की कार्रवाई की गई है।  

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मामला मवाना थानाक्षेत्र का है। आरोप है कि 19 जनवरी को 65 साल के व्यक्ति बृजपाल ने 16 वर्षीय किशोरी से तमंचे के बल पर घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। पहले तो परिवार इज्जत के नाम पर खामोश रहा। किशोरी की हालत खराब होने पर 21 जनवरी को पीड़ित परिवार ने समाधान दिवस में इसकी शिकायत की, फिर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। 25 जनवरी को ग्रामीणों ने मवाना थाने पर हंगामा किया, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन, आरोपी बृजपाल की गिरफ्तारी नहीं की। वह पीड़ित परिवार को धमकी देता रहा। जिसे लेकर पीड़ित परिवार डरा हुआ था। किशोरी मानसिक तनाव में थी। बुधवार को उसने मकान की छत के कुंडे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। उस समय परिवार के सभी सदस्य खेत पर गए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे पीड़िता का पिता घर पहुंचे तो बेटी का शव लटक रहा था। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। 

इसके बाद एसपी क्राइम रामअर्ज मौके पर पहुंचे। उन्होंने थाना पुलिस पर कार्रवाई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मवाना विनय आजाद को लाइन हाजिर कर दिया है। 
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यह भी पढ़ें: सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़ित किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान, आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश

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पुलिस समझौते का बनाती रही दबाव
परिजनों का आरोप था कि मवाना खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी उनको धमकाते थे। समझौता करने के लिए दबाव बनाते थे। परिजन मवाना खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग कर रहे थे। वहीं, महिला कांस्टेबल पर भी सही प्रकार से पीड़िता के बयान नहीं कराने का आरोप लगाया। पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी महिलाओं ने जमकर खरी खोटी सुनाई। 

पुलिस बोली, जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
दुष्कर्म पीड़िता के आत्महत्या करने की सूचना पर एसएसपी अजय साहनी मवाना थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। थाना पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। थाना प्रभारी का कार्य देख रहे एसएसआई नरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। मेडिकल जांच में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। 

आरोपी के परिजनों ने की थी मारपीट
पीड़िता के पिता का आरोप था कि घटना की जानकारी होने पर वह आरोपी के यहां शिकायत करने गया था। आरोपी के परिजनों ने बेइज्जती करते हुए उसके साथ मारपीट की थी। घटना के बाद से पूरा परिवार तनाव व दहशत में था। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। जिस कारण उनकी बेटी ने जान दे दी। 

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