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दलित पक्ष के 19 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज

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दायमपुर में तनावपूर्ण शांति, पुलिस तैनात
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मेरठ/कंकरखेड़ा। दायमपुर गांव में बृहस्पतिवार रात हुए बखेड़े के मामले में पुलिस ने दलित पक्ष के 19 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गांव में तनावपूर्ण शांति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
बृहस्पतिवार रात हुई घटना के मामले में राजकुमार शर्मा की ओर से दलित पक्ष के 19 लोगों पर घर पर हमला, पथराव, मारपीट आदि आरोप लगाकर मरिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप लगाया गया है कि दलित पक्ष दो अप्रैल के बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद से ही उनसे रंजिश रखता है। उन्हें शक है कि उन्होंने उनके नाम पुलिस को लिखवाए हैं। इसी वजह से उन पर ये हमला हुआ है। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के अनुसार शुक्रवार को जोनी, मोनू पुत्र जगन, जगन पुत्र भगवान, सोनू पुत्र राजपाल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
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छेड़खानी का लगाया आरोप
दायमपुर के दलित पक्ष के दर्जनों लोग शुक्रवार को महिलाओं और युवतियों के साथ थाने पहुंचे। पुलिस को बताया कि रात को गांव में लगे मेले में उनके परिवार की लड़कियां झूला झूल रही थीं। दूसरे पक्ष के परिवार के पांच युवकों ने उन्हें देखकर हूटिंग की और छेड़खानी की। युवतियों ने शोर मचाया तो परिवार के सदस्यों ने युवकों का विरोध किया, लेकिन उल्टा उनकी ही पिटाई कर दी गई। उनके परिजन जब आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचे तो उन पर हमला कर दिया गया। पथराव किया गया। आरोप है कि दूसरा पक्ष भाजपा से जुड़ा है, इस वजह से पुलिस ने उनके दबाव में काम किया है। दलितों ने दूसरे पक्ष के खिलाफ छेड़खानी, मारपीट के आरोप में तहरीर दी है। वहीं थाने पहुंचे भाजपा के मंडल मंत्री अरविंद जाटव उर्फ पिंटू ने पुलिस से दलितों की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया है।

दूसरे ही दिन उजड़ गया मेला
बृहस्पतिवार रात हुई घटना के बाद गांव में चल रहा तीन दिवसीय मेला दूसरे ही दिन खत्म हो गया। घटना के बाद ही कई दुकानदार अपना सामान समेट चले गए थे। बाकी को शुक्रवार को पुलिस ने हटवाकर भेज दिया।

हिंसा के आरोपी तो नहीं
इस घटना के बाद पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि केस में नामजद लोग दो अप्रैल को हुई हिंसा में तो आरोपी नहीं हैं। दरअसल पुलिस राजकु मार शर्मा के दावे की पुष्टि भी करना चाहती है। उन्होंने इस हमले को दो अप्रैल को हुई हिंसा से जोड़कर बताया था।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
दलित पक्ष ने भी थाने आकर पक्ष रखा है। उन्होंने दूसरे पक्ष पर छेड़खानी का आरोप लगाकर तहरीर दी है। इसकी भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। पंकज सिंह, सीओ दौराला
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