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पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

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मेरठ। फर्जी तरीके से हिरासत में लेकर जबरन करोड़ों की संपत्ति का बैनामा करने वाले पुलिस कर्मी अधिकारियों की जांच में दोषी पाए गए। लेकिन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी हो रही है। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से केस दर्ज कराने की मांग की है।
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अप्रैल 2016 में लालकुर्ती पुलिस देहरादून निवासी शशांक चौधरी को उठाकर लाई थी। देहरादून में शशांक को लिखापढ़ी में हिरासत में लेना दर्शाया गया, लेकिन मेरठ में हिरासत में नहीं दिखाया। पूर्व डीआईजी लक्ष्मी सिंह से शिकायत हुई थी। उसके बाद एसओ लालकुर्ती, दरोगा राममिलन यादव व सिपाही नाजिम के खिलाफ जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में पूर्व एसपी सिटी मेरठ ओपी यादव की भूमिका संदिग्ध मिली थी। पीड़ित शशांक चौधरी ने इसकी शिकायत डीजीपी से की।
मामला पुलिस अधिकारियों से जुड़ा हुआ था। इसे देखते एसपी सिटी सहारनपुर प्रबल प्रताप द्वारा जांच कराई गई। एसपी सिटी सहारनपुर की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया कि पूर्व एसपी सिटी ओपी यादव, लालकुर्ती थाना पुलिस सहित देहरादून के सात पुलिसकर्मी दोषी थे। शनिवार को शशांक चौधरी मेरठ में आए और एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी से मिले। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले की जांच उच्चस्तर से चल रही है। उनके स्तर से ही मुकदमा दर्ज होगा।
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