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यूको बैंक: चोरी में शामिल चिकना का सौतेला भाई भी पकड़ा गया

Sun, 13 May 2018 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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UCO bank
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यूको बैंक में करोड़ों की चोरी की वारदात में शामिल एक और बदमाश को हिरासत में लिया गया है। बबला नाम का यह बदमाश चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना हसन चिकना का सौतेला भाई है। उधर झारखंड से गिरफ्तार गिरोह के तीन सदस्यों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस शनिवार सुबह शहर पहुंची। उनकी निशानदेही पर अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास देर रात तक किए जाते रहे।
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सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा में 29 अप्रैल की रात घुसे चोरों ने 17 लॉकर तोड़कर करोड़ों का माल उड़ा दिया था। चोरों ने घटना में गैस कटर का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के लिए रवाना हो गई। वहां मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने करेली व कौशाम्बी निवासी युवकों को उठाया जिसके बाद कड़ी दर कड़ी जुड़ती गई। इसके बाद पुलिस ने झारखंड के साहबगंज जिले स्थित राजमहल थाना क्षेत्र से दो अकबर शेख और हामिद शेख को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने धनेश्वर कुशवाहा को पकड़ा।

तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस शनिवार सुबह इलाहाबाद पहुुंची। सूत्रों की मानें तो उनकी निशानदेही पर पुलिस ने इस वारदात में शामिल रहे बबला नाम के एक बदमाश को हिरासत में ले लिया है। वह गिरोह के सरगना हसन चिकना का सौतेला भाई बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बबला बुलंदशहर का रहने वाला है और उसका पिता करेली में रहता था। हालांकि कई साल पहले वह बुलंदशहर चला गया था।
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यूको बैंक में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए हसन चिकना ने उसे अपने साथ मिला लिया था। सूत्रों की मानें तो चिकना और उसके गिरोह के अन्य सदस्य करेली स्थित मकान में रुके थे और उनके लिए खाना बनाने का काम बबला की पत्नी ही करती थी। यह वही महिला है जिसे पकड़ने के लिए जिला पुलिस की एक टीम लखनऊ तक गई थी लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल सकी थी।

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से 4.54 लाख रुपये ही बरामद कर सकी है। जबकि लॉकरों से कुल 55 लाख रुपये की नगदी गायब हुई थी। इसके साथ ही कीमती गहने भी गायब हुए थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद पांच से छह लाख रुपये बांटने के बाद चिकना और उसके कुछ भरोसेमंद बाकी की नगदी और जेवरात समेटकर फरार हो गए और उनके बारे में पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं हासिल कर सकी है। यही वजह है कि चोरी गई रकम का छोटा सा हिस्सा ही पुलिस बरामद कर सकी है। सूत्रों की मानें तो चिकना की गिरफ्तारी फिलहाल पुलिस के लिए टेढ़ी खीर है और इस कारण से चोरी गए पूरे माल की बरामदगी की संभावना कम ही है।

यह भी पता चला है कि वारदात के बाद गिरोह के सदस्य एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग भागे। कुछ बदमाशों ने भागने के लिए बस तो कुछ ने ट्रेन का सहारा लिया। कुछ बदमाश इलाहबाद से पहले मुगलसराय गए और इसके बाद आगे की राह पकड़ी। सभी एक बार झारखंड में मिले और माल बांटने के बाद फिर अलग-अलग हो गए।

पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने जो बातें बताईं हैं, उसेसुनकर पुलिसवाले भी हैरान रह गए। बताया कि कई राज्यों में चोरी की बड़ी वारदतों को अंजाम देने वाला चिकना महंगे शौक रखता है। वह महंगी घड़ियां, कपड़ों और जूतों का शौकीन है। उसके और उसके घरवालों के ठाठ-बाठ देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। झारखंड स्थित साहबगंज जिले के बड़हरवा थाना क्षेत्र में उसकी एक आलीशान कोठी है। इसमें गार्ड तो तैनात हैं ही, चारों ओर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।

सूत्रों की मानें तो पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि चिकना करीब छह माह से वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग में जुटा था। दरअसल कई महीनों पहले वह करेली में रहने वाले उस व्यक्ति से मिलने आया था, जिसने माता-पिता की मौत के बाद चिकना को पाला था। इसी दौरान चिकना यूको बैंक में गया और तब उसके दिमाग में यहां चोरी करने की योजना आई। इसके बाद उसने बुलंदशहर में रहने वाले बबला से संपर्क किया और फिर करेली में रह रहे अकबर को भी अपनी प्लानिंग में शामिल कर लिया। अकबर के एक परिचित की मदद से ही करेली में एक कमरा किराये पर मिला जिसमें वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले आकर चिकना और उसके गिरोह के सदस्य ठहरे। कुछ दिनों तक रेकी करने के बाद शातिरों ने वारदात को अंजाम दे डाला।

सूत्रों की मानें तो पकड़े गए बदमाशों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार वारदात को अंजाम देने वाले चिकना समेत चार बदमाश अभी फरार हैं। इनमें चिकना का साथी और गिरोह का खास अख्तर भी शामिल है। उनकी तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने के बाद ही चोरी गए शेष माल की बरामदगी संभव है।
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