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जेल से भागे बंदी का दूसरे दिन भी सुराग नहीं

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मेरठ। जिला जेल के कृषि फार्म से सोमवार को भागे बैंक लूट और गैंगेस्टर के मुल्जिम संदीप का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई। पुलिस की मानें तो फरार बंदी के लोकल में ही छिपे होने की संभावना है। उसकी तलाश में कई संभावित जगह दबिश दी गई। लेकिन सफलता नहीं।
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जागीर मोहल्ला अब्दुल्लापुर भावनपुर निवासी बंदी संदीप कुमार ने जेल से भागने के बाद अपनी पत्नी मनीषा को कॉल कर इसकी जानकारी दी थी कि वह जेल से भाग गया है और इस समय भावनपुर में है। पुलिस ने मनीषा और संदीप के पिता राजवीर को हिरासत में लिया हुआ है। पुलिस के अनुसार संदीप के अलावा उसके परिजनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर हैं। ताकि कोई कॉल होने पर फरार बंदी की लोकेशन का पता चल जाए। इस मामले में जेल के चार बंदी रक्षकों और चार होमगार्डों के खिलाफ थाना मेडिकल पर केस दर्ज हुआ था। जेल प्रशासन ने नामजद बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया था।
पीड़िता कक्ष में घुसा दरोगा, भड़की एसओ
बंदी के फरार होने के मामले की जांच कर रहे एसआई इंद्रजीत सिंह मंगलवार को महिला थाने में संदीप की पत्नी मनीषा से पूछताछ करने पहुंचे थे। इस दौरान मनीषा पीड़िता कक्ष में थी। इंद्रजीत पीड़िता कक्ष में घुसे तो यह देखकर एसओ महिला रश्मि चौधरी भड़क गईं। उन्होंने थाने में मौजूद महिला दरोगा पूनम रानी और दो अन्य महिला दरोगाओं को फटकार लगाते हुए दरोगा इंद्रजीत सिंह को तुरंत पीड़िता कक्ष से बाहर कराया। एसओ का कहना है कि पीड़िता कक्ष में सिर्फ महिला कांस्टेबल या महिला दरोगा ही जा सकती हैं। पुरुष दरोगा का पीड़िता कक्ष में क्या काम। इस कक्ष में दूसरे थाने से आई किशोरी, युवती या महिलाएं भी होती हैं।
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संदीप कर सकता बड़ी वारदात
संदीप हस्तिनापुर में बैंक लूट समेत कई आपराधिक वारदात कर चुका है। जो फरारी के बाद किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता हैं। पुलिस ने उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि संदीप बहुत शातिर अपराधी है और वह किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जेल से भागा है।
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- सोमवार को जेल के कृषि फार्म से हो गया था फरार
- लोकल में ही छिपे होने का अंदेशा, दबिश जारी
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