बीमा कंपनी और सरकारी सिस्टम से जुड़े बताए आरोपी
कार में महिला को साथ लेकर चलते थे ताकि शक न हो
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/मोदीपुरम।
30 लाख रुपये के पुराने नोट मिलने का मामला देर रात लखनऊ तक पहुंच गया। नोटबंदी के इतने दिन बाद पैसा कहां से आया, इसकी जांच में आरबीआई के अफसर जुट गए हैं। पुलिस ने बताया कि रिठानी से पूर्व प्रधान का बेटा नोटों के बदलने का रैकेट चला रहा था। इसमें बीमा कंपनी और सरकारी विभाग के अधिकारी शामिल हो सकते हैं। मोदीनगर की ममता भी इस धंधे में काफी दिन से जुड़ी है। पुलिस ने पूर्व प्रधान के बेटे शक्ति सिंह उर्फ जोनी, उसके साथी रविंद्र, मनोज, दीपक और ममता को रिठानी से गिरफ्तार किया। हालांकि पल्लवपुरम पुलिस ने आरोपियों को चेकिंग के दौरान पल्लवपुरम से गिरफ्तार करना बताया है। आरोपियों ने नहीं बताया कि पुराने नोट कहां से आए और वह किसके जरिये बदलते थे।
हमारा फोटो मत खींचो, बदनामी होगी
पुराने नोट पकड़ने की जानकारी लगते ही मीडियाकर्मी पल्लवपुरम थाने पहुंचे। आरोपी शक्ति सिंह, रविंद्र और मनोज ने कहा कि हमारे फोटो मत खींचो, बहुत बदनामी होगी। हममें फंसाया है। हालांकि असली आरोपी का नाम नहीं बताया और मुंह छुपाने लगे।
महिला भी है शामिल
एसएसआई धारा सिंह के अनुसार पकड़ी गई ममता अरसे से दीपक के संपर्क में थी। इन्होंने पहले से ही रुपये बदलने की प्लानिंग कर रखी थी। दोनों आज ही मोदीनगर से आए थे और वहां से नोट बदलने जा रहे थे। इन्होंने आज का समय दे रखा था। जिसके चलते सभी एक साथ धरे गए। पुलिस के अनुसार रविंद्र ने शक्ति के रुपये बदलने की मध्यस्थता कराई थी। जिसके चलते वह बुधवार को पुराने नोट लेने के लिए रिठानी आए थे।