पुलिस ने झोंकी पूरी ताकत, 60 से अधिक हिरासत में
पंजाब नेशनल बैंक की कपड़ा मिल शाखा में लॉकरों को तोड़कर की गई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। 27 दिन की सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, पुलिस को शक है कि चोर घटना को अंजाम देकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़ या बुलंदशहर में जाकर छिपे हो सकते हैं। ऐसे में वहां की पुलिस से भी संपर्क साधकर चोरों की तलाश की जा रही है। उधर, बृहस्पतिवार को एसएसपी ने कोतवाली में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जल्द से जल्द चोरों को दबोचने की प्लानिंग की।
एसएसपी हरिनारायण सिंह दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली पहुंचे। उन्होंने एसपी देहात अरविंद कुमार मौर्य, सीओ देवेंद्र मिश्रा और कोतवाली प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे आदि अधिकारियों के साथ घटना को लेकर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा बैठक की।
इस दौरान कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की। एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी की मदद से हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है। कोतवाली में लोगों की भीड़ न हो जाए इस भय से उनको निकट के थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस द्वारा उठाए गए संदिग्ध लोगों के परिजन भी पुलिस पर निर्दोष लोगों को उठाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस रात घर सोते में उनका बेटा उठा लिया तो किसी का आरोप है कि उनका बेटा ड्यूटी गया था पुलिस ने उसे वहां से हिरासत में लिया है। उधर, एसपी देहात पिछले तीन दिन से कोतवाली में डेरा डाल पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
बुधवार देर शाम यूपी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने बैंक पहुंचकर अधिकारियों और सुरक्षा गार्ड्स से पूछताछ की। उन्होंने बैंक के लॉकर रूम और बैंक के पीछे के फैक्ट्री के हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया।
सीओ देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि बैंक में वर्तमान और पूर्व में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उनके मोबाइल ट्रेस किए जा रहे हैं। चोरी का सामान खरीदने वाले सुनार भी पुलिस की रडार पर है। सादी वर्दी में पुलिस उनके ठिकानों पर निगरानी बनाए हुए हैं।