मेरठ/कंकरखेड़ा। पीयूष चौधरी की हत्या करना आरोपियों ने कबूल तो कर लिया। लेकिन शव कहां फेंका था इसको लेकर पुलिस को गुमराह कर रहे है। पहले दौराला नाले में फिर शव हिंडन नदी में फेंकने की बात कही। बार-बार झूठ बोलने पर पीयूष के परिजनों ने दोनों आरोपियों को पुलिस से छीनकर जमकर पीटा। करनाल हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस अफसरों ने शव जल्द बरामद करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कंकरखेड़ा पुलिस की घोर लापरवाही से 12 दिन बाद भी पीयूष का शव भी नहीं मिला। आरोपी अवैध हथियारों के सौदागर बताए जा रहे हैं।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि आरोपी अजय चौधरी निवासी गांव कलीना रोहटा, रोहित चौधरी निवासी गांव चिंदौड़ी से कंकरखेड़ा थाने में पूछताछ की गई। जिसमें दोनों आरोपियों ने 30 नवंबर की रात पीयूष चौधरी निवासी दबथुआ सरधना की हत्या करना बताया। बताया है कि पीयूष ने मोनू को चप्पल मारी थी, तभी मोनू, सचिन, रोहित और अजय ने मिलकर उसकी हत्या की। आरोपियों की मानें तो पीयूष के शव को पहले बफावत, दौराला में नाले में फेंका था। उसके बाद शव को नाले से निकालकर हिंडन नदी में फेंका था।
पुलिस से आरोपी छीनकर पीटे
कंकरखेड़ा पुलिस सोमवार सुबह दोनों आरोपियों को लेकर पहले दौराला के बफावत गांव में पहुंची। लेकिन नाले से शव नहीं मिला। वहां पीयूष के परिजन भी पहुंच गए थे। गुस्साए परिजनों ने पुलिस कस्टडी से रोहित और अजय को छीनकर उनकी पिटाई की। कहा कि आरोपी बार-बार झूठ बोल रहे हैं और पुलिस उनको लेकर दौड़ रही। पुलिस ने बताया कि आरोपी दौराला से कलीना हिंडन नदी तक करीब 40 किमी. तक शव लेकर घूमे थे।
दिन भर भटकती रही पुलिस
कंकरखेड़ा पुलिस और पीयूष के परिजन दिन भर आरोपियों के साथ भटकते रहे। पीड़ित परिवार का कहना है कि शव बरामद न कराने के पीछे आरोपियों की साजिश है। पुलिस ने आरोपियों के बताए अनुसार हिंडन नदी में भी गोताखोरों को शव तलाशने के लिए लगाया। कई घंटे तक सर्च किया लेकिन शव नहीं मिला। इंस्पेक्टर परविंदर सिंह का कहना है कि शव नहीं मिला। आरोपी अजय व रोहित को मंगलवार को जेल भेजा जाएगा। उनके खिलाफ पीयूष की हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मुख्य हत्यारोपी मोनू व सचिन अभी फरार हैं।
आश्वासन पर खोला जाम
शव बरामद न होने पर दबथुआ के ग्रामीणों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर दोपहर दो बजे जाम लगाया। सूचना पर एसओ सरधना पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। जाम की सूचना पर तहसीलदार सरधना और एसपी देहात पहुंचे। तीन घंटे तक लगे जाम में सेना के वाहन, स्कूली वाहन और एंबुलेंस भी फंसी रही। ग्रामीण मौके पर एसएसपी को बुलवाने की मांग कर रहे थे। एसपी देहात ने ग्रामीणों को शव जल्द बरामद करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
खास बातें
- पुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी, भटकती रही कंकरखेड़ा पुलिस
- पीयूष के गुस्साए परिजनों ने पुलिस से छीनकर आरोपियों को पीटा
- कंकरखेड़ा के खड़ौली में 30 नवंबर को शराब पार्टी में हुई थी वारदात