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डॉक्टर के अपहरण में मुख्य आरोपी दोनों सगे भाई गिरफ्तार

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अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ।
दिल्ली के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ के अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी दोनों सगे भाई अनुज व सुशील निवासी दादरी, दौराला को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाइयों पर दिल्ली पुलिस ने 50-50 हजार का इनाम रखा था। एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अपहरण से पहले ओला कैब कंपनी से फर्जी तरीके से पैसा कमाया करते थे। इसका भंडाफोड़ होने पर अपहरण की प्लानिंग बनाई।
एसटीएफ एसपी आलोक प्रियदर्शी ने शुक्रवार को मेरठ पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करके आरोपियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि छह जुलाई को दोनों भाइयों ने अपने साथी विवेक उर्फ मोदी और गौरव के साथ मिलकर दिल्ली के प्रीतनगर से डॉ. श्रीकांत का अपहरण किया था। 17 जुलाई को दिल्ली, मेरठ पुलिस और एसटीएफ की टीम ने दिल्ली रोड स्थित शताब्दीनगर से डॉक्टर को सकुशल बरामद किया था। पुलिस ने चार आरोपी प्रमोद, सोहनवीर, अमित और नेपाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
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दोनों आरोपी भाइयों को एसटीएफ ने पल्लवपुरम इलाके से बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार करने का दावा किया है। उनके पास से दो तमंचे भी मिले हैं। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 2014 से दिल्ली ओला कैब कंपनी में काम करते थे। दोनों ने फर्जी तरीके से दो गाड़ियां ओला कैब में लगवाई थीं। फर्जी तरीके से गाड़ियां की बुकिंग दिखाकर कंपनी से रोजाना 10-10 हजार रुपये कमाने का धंधा करीब एक साल तक किया। खुलासा होने पर कंपनी ने दोनों गाड़ियां हटा दीं। उसके बाद फिर फर्जी आईडी से उन्होंने गाड़ी कंपनी में लगाई। कंपनी के साफ्टवेयर हैक कर मेप में गाड़ी चलाकर वह कंपनी से पैसा कमाने लगे।

पोल खुली तो किया अपहरण
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि दोनों भाइयों की पोल खुल गई थी। जिसके चलते उन्होंने ओला कंपनी के रेगुलर ग्राहक का अपहरण कर फिरौती वसूली की प्लानिंग बनाई। फर्जी तरीके से आरोपी अनुज (नाम राहुल बताकर) कंपनी का रेगुलर ग्राहक बना गया। उसके बाद डॉक्टर का अपहरण किया और पांच करोड़ की फिरौती ओला कंपनी से मांगी।

ठिकाने बदलकर करते थे कॉल
दोनों भाई बहुत शातिर हैं। अनुज इंटर और सुशील ग्रेजुएट है। सुशील साइबर एक्सपर्ट है। साफ्टवेयर हैक करना उनका बाएं हाथ का काम है। दोनों के पास दो दर्जन से अधिक सिम हैं, जो फर्जी आईडी पर लिए गए हैं। डॉक्टर का अपहरण करने के बाद वह अलग अलग ठिकाने से कॉल करते और वहां से फरार हो जाते थे।
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मुठभेड़ नहीं, सेटिंग से पकड़े
प्रेसवार्ता में एसपी ने दावा किया कि मुठभेड़ करके दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ के दरोगा ने सेटिंग कर दोनों भाइयों को अलग-अलग बुलाया था। एक भाई तीन दिन से एसटीएफ के पास था, वहीं दूसरा बृहस्पतिवार को उनको मिला।

खास बातें
दिल्ली पुलिस ने दोनों पर रखा था 50-50 हजार का इनाम
एसटीएफ ने पल्लवपुरम से मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
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