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वाल्मीकि समाज के लोगों ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी

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वाल्मीकि समाज के लोगों ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी
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मेरठ। मंदिर में घुसने से रोकने के मामले में मंगलवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसएसपी ऑफिस पर नारेबाजी कर हंगामा किया। कहा कि मंदिर के एक पुजारी ने जातिगत टिप्पणी की है। वहीं देर शाम पुजारी को मंदिर से हटा दिया गया। उधर, लखनऊ से भी पुलिस अधिकारियों ने मामले को लेकर रिपोर्ट मांग गई है।
छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डॉ. रवि प्रकाश के नेतृत्व में भावनपुर के पचगांव पट्टी अमर सिंह निवासी वाल्मीकि समाज के लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एसपी देहात को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उनके गांव में एक कुटी बनी है। कुटी के पास ही एक 50 साल पुराना मंदिर है। पहले कुटी में एक महाराज रहकर देखरेख करते थे। लेकिन एक माह पहले ही दूसरे गांव से पुजारी आ गए और कुटी के साथ मंदिर की भी देखरेख करने लगे। वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप है कि पुजारी ने उन्हें पूजा करने के लिए मंदिर में नहीं घुसने दिया। विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। दो दिन पहले समाज की महिलाएं मंदिर में पहुंचीं तो पुजारी ने उन्हें बाहर से ही लौटा दिया। पुजारी ने कहा कि यहां कोई पूजा नहीं करेगा, वाल्मीकि समाज का अलग मंदिर है।
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इसके अलावा पुजारी ने भावनपुर थाने में वाल्मीकि समाज के युवकों के खिलाफ जानलेवा हमले की तहरीर दे दी। पीड़ित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें मंदिर में घुसने से रोका तो वाल्मीकि समाज के 50 परिवार धर्म परिवर्तन कर लेंगे। भावनपुर थाना पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एसपी देहात राजेश कुमार ने एसओ भावनपुर को मौके पर जांच के लिए भेजा। एसपी देहात ने बताया कि पुजारी बिसौली गांव का बताया गया है, जांच में मामला मारपीट का निकला। ग्रामीणों की सहमति से शाम के समय पुजारी को हटा दिया गया है। इस दौरान पिंटू, नरेंद्र, दीपक, मोहित, सतीश, विनोद, मनोज, संजय, बृजेश, नवीन, मुकेश, श्रीचंद, नरेश, मदनलाल आदि मौजूद रहे।
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