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बिजली बंबा बाईपास पर बंदी को छुड़ाने की कोशिश

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मेरठ। बिजली बंबा बाईपास पर बृहस्पतिवार दोपहर बंदी वाहन पर हमला कर तीन बदमाशों ने एक बंदी को छुड़ाने का प्रयास किया। गाड़ी का गेट खुलते ही पुलिस वालों ने बंदूकें तान दीं। बंदी भागने लगा तो पुलिस वालों ने उसे गोली मारने की चेतावनी दे दी। बंदी घबरा गया और बदमाश भाग गए। सूचना पर पहुंची परतापुर पुलिस और यूपी 100 पुलिस ने बंदी वाहन को मोदीनगर तक छोड़ा।
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मेरठ जिला जेल से बृहस्पतिवार को गाजियाबाद कोर्ट में 12 बंदी पेश किए गए। उन्हें पांच पुलिसकर्मी बंदी वाहन से ले जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर रेलवे फाटक पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने बंदी वाहन पर हमला किया। पहले बाइक से पीछे से टक्कर मारी। बंदी ने अंदर से कुंडी खोल दी। बंदी कूदकर भागा तो पुलिस वालों ने बंदूकें तानकर चेतावनी दे दी कि अगर भागा तो गोली मार देंगे। इतना सुनते ही बंदी घबराकर रुक गया और पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। लेकिन उसे छुड़ाने आए तीनों बदमाश बाइक से खरखौदा की तरफ भागने में कामयाब हो गए।
पुलिस की लापरवाही, कैसे खुला गेट
बदमाशों ने बाइक से बंदी वाहन को टक्कर मारी और गेट खुल गया। सवाल उठता है कि क्या पुलिस ने गेट पर ताला नहीं लगाया हुआ था। कुंडी भी बंदी ने खुद खोल ली। हालांकि बंदी के गाड़ी से कूदते ही पुलिस वालों ने मोर्चा संभाल लिया। सूझबूझ का परिचय देते हुए बंदी को पकड़ भी लिया।
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अधिकारियों को नहीं जानकारी
इतना बड़ा मामला हो गया और पुलिस अधिकारियों को जानकारी तक नहीं लगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि पुलिस वालों ने कोई जानकारी नहीं दी। जेल से कोई बड़ा अपराधी गाजियाबाद कोर्ट में नहीं गया था। 12 बंदी पेशी पर गए थे। पुलिस लाइन के आरआई को भी इसकी जानकारी नहीं थी।
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- मेरठ जेल से गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर जा रहे थे 12 बंदी
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