मेरठ। विद्युत विभाग का खजांची मंगलवार को दस हजार रुपये की रिश्वत देते एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। खजांची एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) के कार्यालय में तैनात था। सिविल लाइन थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह सिरोही के मुताबिक सतेंद्र पुत्र भीम सिंह निवासी सिंह पुर गांव माछरा ने दो दिन पहले शिकायत की थी। आरोप था कि भीम सिंह के नाम से ट्यूबवेल का कनेक्शन है, जिसका लाइन आर्डर (खंभे और लाइन खींचना) होना था। जिसके एवज में विद्युत विभाग के एक्सईएन के ऑफिस में तैनात खजांची बाबू ने सतेंद्र से 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। चार हजार रुपये सतेंद्र दे चुका था।
मंगलवार सुबह सतेंद्र द्वारा 10 हजार एक्सईएन के ऑफिस के बाहर खजांची बाबू हरीपाल सिंह को दिए गए थे। तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम खजांची को सिविल लाइन थाने ले आई। कई घंटे पूछताछ के बाद लिखा पढ़ी हुई। एंटी करप्शन टीम में आनंद शर्मा, अरविंद, राजवीर समेत पांच अधिकारी शामिल थे। एसओ सिविल लाइन नीरज मलिक ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की शिकायत पर केस दर्ज हुआ है।
खजांची पकड़ा, मची खलबली
एक्सईएन का खजांची बाबू रिश्वत लेते पकड़ा गया, यह खबर सुनते विद्युत विभाग में अधिकारी व कर्मचारी में खलबली मच गई। लोगों ने एक दूसरे को फोन कर इसकी जानकारी दी। एंटी करप्शन टीम ने बताया है कि विद्युत विभाग के खजांची की काफी शिकायतें आ रही थी। उसके बाद घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथ दबोचा है।
खास बातें:
- अधिशासी अभियंता का खजांची बाबू ले रहा था रिश्वत
- एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, रंगेहाथ दबोच गया