मेरठ। नगर निगम के चुनाव की मतगणना शांतिपूर्वक हुई। कताई मिल में कहीं हल्ला तक नहीं मचा था। लेकिन शाम को बसपा की मेयर प्रत्याशी संगीता वर्मा की जीत के बाद एकाएक माहौल बिगड़ गया। न तो बसपाइयों ने संयम का परिचय दिया और न ही पुलिस ने कोई गंभीरता दिखाई। पथराव और लाठीचार्ज होने के बाद एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बेकसूरों को भी पीटा
बसपाइयों का आरोप है कि वे तो अपने प्रत्याशी की जीत की खुशी मना रहे थे। पुलिस ने खुद माहौल खराब करने का प्रयास किया। कई पुलिसकर्मियों के पास डंडे नहीं थे, तो उन्होंने पेड़ों से टहनियां तोड़कर बसपा समर्थकों को दौड़ाया। यही नहीं, गली मोहल्लों में घुसकर काफी दूर तक बेकसूर लोगों को भी पीटा। पुलिसकर्मियों के सामने जो भी आया, उसे ही पीटा गया। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए गली मोहल्लों में घुसे तो पुलिस व आरएएफ के जवान वहां भी घुस गए और घरों से लोगों को निकालकर उनकी पिटाई की गई। करीब आधे घंटे तक कताई मिल के आसपास अफरातफरी का माहौल बना रहा।
एसएसपी ने जतायी नाराजगी
कई पुलिसकर्मियों के हाथ में डंडे और टहनियां देखकर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जतायी। एसएसपी ने जब इस पर जवाब मांगा तो पुलिसकर्मियों ने चुप्पी साध ली।
खास बात
- न बसपाइयों ने दिया संयम का परिचय, पुलिस ने भी नहीं दिखाई गंभीरता
- जश्न के माहौल में एकाएक पथराव और लाठीचार्ज के बाद फैली दहशत