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करोड़ों की प्रॉपर्टी को लेकर शुरू हुई सलमान-सारिक में गैंगवार

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करोड़ों की प्रॉपर्टी को लेकर शुरू हुई सलमान-सारिक में गैंगवार
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मेरठ। कुख्यात सारिक व सलमान में छिड़ी गैंगवार की पटकथा भगत सिंह मार्केट में करोड़ों की विवादित संपत्ति की वजह से लिखी गई। दोनों कुख्यात इस जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदने की फिराक में थे। जिसे लेकर पनपी खूनी अदावत में दोनों पक्ष एक-दूसरे गैंग से जुड़े लोगों की हत्या कराने में लगे हैं। कुख्यात सारिक ने साठगांठ कर इस जमीन को सस्ते में खरीद लिया। जिसके बाद गैंगवार और गहरी हो गई।
दोनों कुख्यातों के बीच गैंगवार के पीछे संपत्ति विवाद है, यह राज दोहरे हत्याकांड की जांच के बाद हुआ है। इस गैंगवार में दोनों पक्षों से करीब 100 से अधिक लोग कुख्यातों से जुड़े हैं। हापुड़ रोड स्थित ढबाई नगर में दो नवंबर को सलीम और शम्मी की हत्या हुई थी। इन हत्याओं के पीछे सलमान व सारिक की गैंगवार सामने आई है। कुछ लोग निशाने पर हैं, जिसका इनपुट पुलिस को मिल रहा है। एसएसपी गैंगवार रोकने के प्रयास में हैं। पुलिस पर भी कुख्यातों की गैंगवार में मदद करने के आरोप लगे, जिसके सुबूत मिलने पर दो हेड कांस्टेबलों व तीन सिपाहियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
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नईम गाजी की हत्या के बाद खेल शुरू
पुलिस के अनुसार भगत सिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी की हत्या करोड़ों की जमीन को लेकर 12 दिसंबर 2016 को हुई थी। जेल में बंद कुख्यात सलमान से मार्केट की विवादित जमीन का सौदा 80 लाख रुपये में हुआ। बात चल ही रही थी कि सलमान का डासना जेल ट्रांसफर हो गया। यह बात सारिक को पता चली तो उसने यही जमीन 90 लाख रुपये में खरीदी। जिसमें सलमान का चाचा आरिफ आड़े आ रहा था। सारिक ने आरिफ की हत्या 10 जुलाई 2017 को करा दी। नवीन फल मंडी प्रधान रहीसुद्दीन और ढबाई नगर डबल मर्डर इसी गैंगवार का नतीजा है।
फाईक करता था शूटरों से सेटिंग
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सारिक अपने भाई फाईक को शूटरों से सेटिंग करने के लिए जेल से ही भेजता था। बीमारी के बहाने दिल्ली जाने की बात कहकर फाईक हर सप्ताह शूटरों से होटलों में मुलाकात करता था। दिल्ली से वापस लौटते समय फाईक जाकिर कॉलोनी में अपने पशुओं की डेयरी पर आता था। दोनों सिपाही शिवकुमार व चरणसिंह उसके साथ हुआ करते थे। दोहरे हत्याकांड के तीन दिन पहले फाईक डेयरी पर आया था।
सेटिंग से सारिक का बेटा व रिश्तेदार जेल गए
आरिफ की हत्या में सारिक का बेटा और फाईक का साला नामजद थे। चार माह से पुलिस दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने सारिक गैंग पर शक होने की बात कही तो दोनों नामजद पुलिस से साठगांठ कर गुपचुप तरीके से जेल चले गए। पुलिस के अनुसार उन्हें आभास होने लगा था कि दोहरे हत्याकांड में भी सारिक के बेटे व फाईक के साले को पुलिस आरोपी बनाकर जेल भेज सकती है।
दोहरे हत्याकांड में उलझी पुलिस
ढबाई नगर के दोहरे हत्याकांड में पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचे। पुलिस सिर्फ गैंगवार को लेकर दावे कर रही है। चर्चा है कि तीन पुलिसकर्मी सारिक को बचाने में लगे है। उसे पल-पल की जानकारी पहुंचा रहे है। वहीं, दोहरे हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराने वाला सारिक का भाई वामिक भी चार दिन से लापता है। उसका मोबाइल भी बंद है। पुलिस उसके अचानक गायब होने की जांच कर रही है।
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करोड़ों की जमीन गैंगवार की वजह
एसएसपी मंजिल सैनी दहल के अनुसार सलमान व सारिक की गैंगवार के पीछे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। गैंगवार रोकने के लिए गंभीरता बरती जा रही है। करोड़ों की जमीन गैंगवार की असल वजह है। कोतवाली और ढबाई नगर में डबल मर्डर और रहीसुद्दीन की हत्या के केस की जांच में कई बातें निकल रही हैं।
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