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फरार नजाकत ने बरसाईं दादी-पोती पर गोलियां

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मेरठ। पुलिस कस्टडी से भागे हत्यारोपी तांत्रिक कुख्यात नजाकत ने अपने दो भाईयों और मामा के साथ समर कालोनी में दादी और उसकी चार साल की पोती पर गोलियां बरसा दीं। दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां बच्ची की हालत नाजुक बनी है। पुलिस ने नजाकत समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
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पुलिस के मुताबिक रसीदनगर लिसाड़ी गेट निवासी शफीक अहमद ने बताया कि उसकी मां रईसा (55) और बेटी जहीन (4) को रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे समर कालोनी चौराहे से उसके भाई शकील और काफिल ऑटो में बैठाने गए थे। इस दौरान दो बाइकों पर आए चार लोगों ने जहीन और रईसा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जहीन के पेट में दो जबकि रईसा के हाथ में एक गोली लगी। हमलावर वहां से भाग निकले।
शफीक की थी तलाश
शकील और काफिल लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे तो उनके पीछे ये हमलावर जहीन के पिता शफीक की तलाश में उसके घर पहुंचे। महिलाओं ने जब शफीक का घर पर न होना बताया तो हमलावर धमकी देकर वहां से फरार हो गए।
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मौके से दबोचा एक आरोपी
इस दौरान परिजनों ने पब्लिक की मदद से रिफाकत नाम के आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार जहीन की हालत नाजुक बनी है। ऑपरेशन के बाद वह वेंटीलेटर पर है। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी ने बताया कि तहरीर पर नजाकत और उसके भाईयों इबने अली, रिफाकत और मामा अलीमुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिफाकत को गिरफ्तार कर लिया गया है।
12 हजारी नजाकत बना चुनौती
मेरठ। करीब डेढ़ साल पहले पेशी के दौरान कस्टडी से फरार हुआ कुख्यात नजाकत पुलिस के लिए चुनौती बना है। उस पर 12 हजार का इनाम भी घोषित है। रसीद नगर निवासी नजाकत वर्ष 2013 में चर्चित बिलाल मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। इससे पूर्व फूलबाग कॉलोनी में महामंडलेश्वर मर्डर केस में भी नजाकत का नाम चर्चाओं में आया था, हालांकि पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी थी। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि पूछताछ में सामने आया है कि रविवार की घटना में नजाकत मौके पर नहीं था। गोलियां रिफाकत ने चलाई थी। जबकि चर्चा है कि नजाकत गुपचुप रूप से क्षेत्र में घूमता देखा गया था।
पैरवी करने वाला बना निशाना
बिलाल मर्डर केस में जिसने पैरवी की, वही निशाना बना। रसीद नगर के यामीन की पैरवी के चलते ही हत्या की गई थी। वहीं, पीड़ित पक्ष शफीक के अनुसार नामजद हमलावर उनके यहां हुए यामीन हत्याकांड में भी आरोपी हैं। उन्हें शक है कि जिस तरह बिलाल मर्डर केस में यामीन पैरवी कर रहा था, वहीं शफीक यामीन मर्डर केस में पैरवी कर रहा है। शफीक पक्ष उनका फैसला नहीं होने दे रहा। बकौल शफीक उसे पूर्व में फोन में धमकी मिली थी। लेकिन पुलिस ने एनसीआर दर्ज की थी। पुलिस इसे गंभीरता से लेती तो शायद ये हमला न होता।
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खास बात
- समर कॉलोनी चौराहे पर सरेआम वारदात, नजाकत, उसके दो भाई और मामा नामजद
- हत्या के मुकदमे में पीड़ित पक्ष की पैरोकारी करने के शक में अंजाम दी घटना
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