फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी अस्पताल में नशीला इजेंक् शन लगाकर महिला से गैंगरेप

विज्ञापन
विज्ञापन
निजी अस्पताल में नशीला इंजेक्शन लगाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म
विज्ञापन

मेडिकल थाना क्षेत्र के अस्पताल का मामला, तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अस्पताल के मालिक, तांत्रिक समेत चार लोग पूछताछ के लिए हिरासत में लिए
बार-बार बयान बदल रही महिला, मायके पक्ष के लोग महिला के विरोध में आए
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेेडिकल थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल में शनिवार देर रात एक महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है। महिला ने होश आने पर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने वारदात की जानकारी ली। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए पीड़िता का मेडिकल कराया है। तांत्रिक और अस्पताल मालिक समेत चार लोग पूछताछ के लिए हिरासत में लिए हैं।
गढ़ रोड निवासी एक महिला का पति सरकारी कर्मचारी है। महिला काफी समय से बीमार चल रही है। शनिवार को पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे पेट में संक्रमण और अन्य बीमारी के चलते वह सहारा अस्पताल में भर्ती हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि रात करीब दो बजे अस्पताल की महिला कर्मचारी ने उसे नशे का इंजेक्शन लगाया था। इस दौरान महिला का पति कैंटीन में गया था, जबकि अन्य परिजन घर भेज दिए थे। अर्द्धबेहोशी की हालत में तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। करीब पौन घंटे बाद जब वह होश में आई, तो उसने शोर मचाया। इसके बाद अस्पताल की महिला कर्मचारी ने उसे धमकाया। उसने पति को जानकारी दी। सूचना पर यूपी 100 मौके पर पहुंची।
विज्ञापन

रविवार सुबह एसओ मेडिकल कैलाश चंद्र, सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह और मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे। महिला पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कराए। अस्पताल में गैंगरेप का पता चलते ही अफसरों के होश उड़ गये। फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल में जांच पड़ताल की। महिला अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थी, जहां सात बेड थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो सभी बंद मिले।
मायके वाले बोले, तांत्रिक के कहने पर बदल रही बयान
अस्पताल पहुंचे महिला मायकेे पक्ष के लोग भी महिला के विरोध में उतर आए। मायके पक्ष का आरोप है कि महिला तीन माह से एक तांत्रिक के पास आती-जाती थी। तांत्रिक के कहने पर ही वह सही बात नहीं बता रही है और बयान बदल रही है। वहीं एसओ मेडिकल का कहना है कि महिला ने पहले तीन कंपाउंडरों पर आरोप लगाया था। बाद में उसने एक डॉक्टर और दो अन्य कर्मचारियों पर आरोप लगाया। एक महिला पर धमकाने और इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। फिलहाल तहरीर के आधार तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अस्पताल मालिक, तांत्रिक, वार्ड ब्वॉय और कंपाउंडर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी।
वर्जन
महिला पूरी तरह से गलत आरोप लगा रही है। आईसीयू में अन्य मरीज भी रात में भर्ती थे। सीसीटीवी लगे हैं, लेकिन वे कुछ समय पहले बंद हो गए थे। अस्पताल और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस निष्पक्षता से जांच करे, तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
विज्ञापन

- डा. अशोक मलिक, संचालक सहारा अस्पताल

नहीं दी कोई सूचना
इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। अगर प्रशासन स्वास्थ्य विभाग से जांच करने के लिए कहता है, तो हमारी टीम जांच करेगी। अगर नहीं कहता है तो यह क्राइम केस है, इसकी जांच पुलिस करेगी।
- डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें