मेरठ। परीक्षितगढ़ से अपहृत नवविवाहिता को शुक्रवार को पुलिस अचानक कोर्ट में लेकर पहुंच गई। वह नवविवाहिता के आननफानन में 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराना चाहती थी। इस बीच नवविवाहिता के परिजन सूचना पाकर कचहरी पहुंच गए। परिजनों ने आपत्ति जताकर कहा कि उनकी बेटी डेढ़ माह से हिस्ट्रीशीटर शहजाद के कब्जे में थी। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। सीजेएम कोर्ट ने नवविवाहिता के 24 घंटे बाद शनिवार को बयान दर्ज कराने के आदेश दिए।
यह था मामला
परीक्षितगढ़ से आठ अप्रैल 2018 को हिस्ट्रीशीटर शहजाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर नवविवाहिता का अपहरण किया था। नवविवाहिता की शादी छह दिन पहले ही एक युवक से हुई थी। जिसे उसका पति और देवर उसके मायके लेकर जा रहे थे। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के चलते परीक्षितगढ़ में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी थी। पैरवी कर रहे महिला के भाई को आरोपी शहजाद ने गोली मार दी थी। भाजपा विधायक दिनेश खटीक और सतवीर त्यागी ने कई बार एसएसपी से शिकायत की। ताकि पीड़ित परिवार को उनकी बेटी मिल जाए।
डेढ़ माह बाद कोर्ट में पेश
पुलिस ने नवविवाहिता का मेडिकल परीक्षण कराया। महिला थाने में उसके 161 सीआरपीसी के बयान दर्ज किए। उसके बाद परीक्षितगढ़ पुलिस 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज कराने के लिए उसे एसीजेएम कोर्ट संख्या-8 में लेकर पहुंची। अवकाश पर होने के कारण एसीजेएम प्रभारी की कोर्ट संख्या-9 में उसे पेश किया गया। पुलिस ने बयान दर्ज कराने की अर्जी दी तो नवविवाहिता के पिता की तरफ से अधिवक्ता धीरज चौधरी सहित अनेक वकीलों ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी।
परिजनों ने जतायी आपत्ति
अर्जी में कहा गया कि पीड़िता करीब डेढ़ माह से आरोपी शहजाद के कब्जे में थी और पुलिस ने गुपचुप तरीके से आज शुक्रवार सुबह ही पीड़िता की बरामदगी दिखाई है। बरामदगी के बाद पुलिस जल्दबाजी में पीड़िता के पुलिस बयान दर्ज कर बिना मेडिकल परीक्षण के कोर्ट में बयान दर्ज कराना चाहती है। पीड़िता की मानसिक स्थिति सही नहीं है। दबाव में बयान न कराए जाएं।
सीजेएम कोर्ट में पहुंचा मामला
पुलिस की कार्यशैली पर आरोप लगाकर वकीलों ने हंगामा कर दिया। वकीलों के हंगामे के चलते यह मामला सीजेएम अभय प्रकाश नारायण की अदालत में पहुंचा। जहां पर वकीलों ने पक्ष रखा कि पीड़िता आज ही बरामद हुई और आज ही उसके पुलिस बयान हुए हैं और पुलिस आज ही पीड़िता का बिना मेडिकल परीक्षण कराए कोर्ट में क्यों बयान कराना चाहती है। पुलिस की तरफ से बताया गया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हो चुका है। जिस पर सीजेएम ने सुनवाई करते हुए बयान के लिए शनिवार की तारीख नियत कर दी। नवविवाहिता को पुलिस सुरक्षा में भेज दिया।
कचहरी में जुटी भीड़
नवविवाहिता के अपहरण का यह मामला लगातार चर्चाओं में रहा। पुलिस शुक्रवार को नवविवाहिता को गुपचुप रूप से कोर्ट लेकर पहुंची। लेकिन इसकी खबर आग की तरह फैल गई। नवविवाहिता क्या बयान देगी, यह जानने सुनने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ कचहरी में जुट गई। सुरक्षा के मद्देनजर दो सीओ, पांच थानेदार फोर्स के साथ तैनात रहे। पुलिस को भीड़ हटाने के लिए लाठी तक फटकारनी पड़ी।